पारिवारिक संपत्ति के विवाद में रची गई खौफनाक साजिश
हरियाणा के गुरुग्राम में हुए चर्चित नीतू हत्याकांड के खुलासे ने हर किसी को हैरान कर दिया है। इस पूरे खूनी खेल का मुख्य सूत्रधार कोई और नहीं बल्कि मृतका के पति प्रशांत का ताऊ का लड़का संदीप निकला। आरोपी संदीप पहले सेना में अपनी सेवाएं दे चुका है और रिश्ते में नीतू का जेठ लगता है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस दिल दहला देने वाली वारदात की मुख्य वजह पारिवारिक संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद था। कुछ वक्त पहले संदीप ने प्रशांत की छह कनाल पैतृक जमीन के सौदे की बात पक्की करवाई थी। इस सौदे के एवज में बीस लाख रुपये की बयाना राशि भी ली जा चुकी थी। जब नीतू को इस सौदे के बारे में जानकारी मिली, तो उसने इसका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। नीतू ने आरोपी पर ऐसा दबाव बनाया कि उसे वह बयाना राशि वापस लौटानी पड़ी। संदीप के मन में यह बात बैठ गई थी कि जब तक नीतू जीवित रहेगी, वह उस कीमती जमीन को नहीं बेच पाएगा। इसी बात की खुन्नस और रंजिश के चलते उसने नीतू को रास्ते से हटाने का मन बना लिया और एक खतरनाक योजना को तैयार किया।
उत्तराखंड से बुलाए गए किराए के हत्यारे और अंजाम देने का तरीका
अपनी गंदी नीयत को अमलीजामा पहनाने के लिए आरोपी संदीप ने स्थानीय बदमाशों की मदद लेने से परहेज किया। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए उत्तराखंड के रुड़की से अनुज और अविनाश नामक दो लोगों को दौलाह गांव में अपने पास बुलाया। जब संदीप सेना में तैनात था, तब रुड़की में रहने के दौरान ही इन दोनों से उसके संपर्क बने थे। वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए इसे चोरी की एक घटना दिखाने की पूरी कोशिश की गई थी। आरोपियों ने नीतू के मुंह पर टेप चिपका दी और उसके हाथों को रस्सी से कसकर बांध दिया। इसके बाद घर के सामान को पूरी तरह से इधर-उधर बिखेर दिया गया ताकि जांच एजेंसियों को ऐसा लगे कि कोई अनजान चोर चोरी के इरादे से घर में घुसे थे। संदीप इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होना चाहता था कि नीतू बच न पाए। जब दोनों किराए के हत्यारे घटना को अंजाम देकर घर से निकलने की तैयारी कर रहे थे, तब संदीप ने उनसे यह बात खासतौर पर तस्दीक करवाई थी कि नीतू की मौत हो चुकी है या नहीं।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ और साक्ष्यों की तलाश
इस सनसनीखेज मामले की तह तक जाने के लिए सोहना के एसीपी मुकेश कुमार और एसीपी क्राइम नवीन शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अदालत ने मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों अनुज और अविनाश को दो दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा है। रिमांड की अवधि के दौरान पुलिस इन दोनों से और मुख्य साजिशकर्ता संदीप से बेहद कड़ाई से पूछताछ कर रही है। बुधवार को सोहना क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम तीनों आरोपियों को अपने साथ लेकर उत्तराखंड के रुड़की पहुंची। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस हत्याकांड से जुड़े हुए महत्वपूर्ण साक्ष्यों को बरामद करना है। अधिकारियों को यह भी पता लगाना है कि वारदात में इस्तेमाल किया गया तमाम सामान इन बदमाशों को कहां से और किसने उपलब्ध कराया था। इसके अलावा पुलिस उन तमाम जगहों और ठिकानों को भी खंगाल रही है जहां इन आरोपियों ने अपनी फरारी के दिनों में पनाह ली थी या बैठकर इस खौफनाक कत्ल की साजिश रची थी। पुलिस को पूरी उम्मीद है कि इस त्पड़ताल से अदालत में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए जा सकेंगे।