Lucknow Desk : पीलीभीत के बीसलपुर तहसील क्षेत्र के गांव अमृता खास में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब श्री बालक राम सरस्वती शिशु विद्या मंदिर स्कूल का टीनशेड अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। टीनशेड के नीचे मौजूद करीब 20 से 25 बच्चे घायल हो गए। हादसे के बाद स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई और शिक्षक तथा अन्य लोग बच्चों को मलबे से निकालने में जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घायल बच्चों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है।
हादसे की सूचना से बच्चों के अभिभावकों में भी हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग स्कूल की ओर दौड़ पड़े। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्कूल को कक्षा पांच तक की मान्यता प्राप्त होने की बात सामने आई है, जबकि स्कूल में कक्षा आठ तक के बच्चों का संचालन किए जाने की जानकारी मिल रही है। हादसे के बाद स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि जिस टीनशेड के नीचे बच्चे पढ़ रहे थे, वह मजबूत ढांचे के बजाय लकड़ी के डंडों के सहारे टिका हुआ था। इसी व्यवस्था को लेकर स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। हादसे के बाद स्कूल के प्रधानाचार्य के मौके पर मौजूद न होने की बात भी सामने आई है।
घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि स्कूल में बच्चों के बैठने और पढ़ाई की व्यवस्था मानकों के अनुरूप होती तो इस तरह का हादसा नहीं होता। फिलहाल प्रशासन की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है और घायल बच्चों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी ऐसी व्यवस्था पर संबंधित विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ी। मामले में स्कूल की मान्यता, कक्षाओं के संचालन और भवन की स्थिति की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।