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धन शोधन कार्रवाई: उत्तर प्रदेश और हरियाणा में 11 स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी, सरकारी खजाने को 27 करोड़ का भारी नुकसान

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में कुल 11 स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी खजाने को करीब 27 करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।

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Ankit Yadav
26 अग 2026, 16:40
धन शोधन कार्रवाई: उत्तर प्रदेश और हरियाणा में 11 स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी, सरकारी खजाने को 27 करोड़ का भारी नुकसान
देश में वित्तीय धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामलों पर लगाम कसने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों की गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्यों में एक साथ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दोनों राज्यों के कुल 11 चुनिंदा ठिकानों पर ईडी की टीमों ने एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और धन शोधन के मामलों से जुड़े दस्तावेजों को खंगालना तथा मुख्य आरोपियों तक पहुँचना था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि किस प्रकार सुनियोजित तरीके से नियमों को ताक पर रखकर सरकारी तंत्र को चूना लगाया गया है।

सरकारी खजाने को लगा 27 करोड़ रुपये का फटका

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे घोटाले के कारण सरकारी राजकोष को लगभग 27 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान हुआ है। इतनी बड़ी धनराशि की चपत लगने से प्रशासनिक गलियारों में भी हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का मानना है कि संलिप्त लोगों ने फर्जी दस्तावेजों, बेनामी संपत्तियों और गलत तरीकों का इस्तेमाल करके इस वित्तीय सेंधमारी को अंजाम दिया। हालांकि, ईडी के अधिकारियों द्वारा इन छापों के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और बेहिसाब लेनदेन से जुड़े कागजात बरामद किए गए हैं, जिनकी गहनता से तकनीकी जांच की जा रही है ताकि मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेक्सेस का पर्दाफाश किया जा सके। इस देशव्यापी और क्षेत्रीय स्तर की वित्तीय जांच के दायरे में कई संदिग्ध लोग और व्यावसायिक इकाइयां आ रही हैं। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न जिलों में जिन ठिकानों पर यह कार्रवाई की गई, वहां के स्थानीय प्रशासन और पुलिस बलों को भी सुरक्षा की दृष्टि से साथ रखा गया था। प्रारंभिक जानकारियों से यह स्पष्ट होता है कि घोटालेबाजों ने वित्तीय प्रणाली में मौजूद कमियों का फायदा उठाकर अवैध रूप से संपत्तियां अर्जित की हैं। प्रवर्तन निदेशालय अब इन सभी संपत्तियों को कुर्क करने और मामले से जुड़े अन्य प्रमुख चेहरों से पूछताछ करने की तैयारी कर रहा है।

आगे की कानूनी कार्रवाई और कड़े कदम

ईडी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि छापेमारी के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं। वित्तीय अनियमितताओं के इस मामले में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों और निजी कारोबारियों से लगातार पूछताछ का सिलसिला जारी है। केंद्रीय एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस 27 करोड़ रुपये के घोटाले की जड़ें और कितनी गहरी हैं और इसमें कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। इस सख्त कार्रवाई से भ्रष्ट तत्वों में खौफ का माहौल पैदा हो गया है और आने वाले समय में जांच का दायरा और अधिक व्यापक होने की पूरी संभावना है।
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