नई दिल्ली:
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) में तैनात आंतरिक वित्तीय सलाहकार (IFA) और उप नियंत्रक लेखा (Deputy Controller of Accounts) संदीप चौधरी को 10 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
पूरा मामला क्या है?
नवीनीकरण फाइल से जुड़ा विवाद:
सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, एक निजी मीडिया कंपनी का सोशल मीडिया प्रबंधन से जुड़ा अनुबंध 31 अगस्त को समाप्त होने वाला था। इस अनुबंध के नवीनीकरण की फाइल मंत्रालय में आरोपी अधिकारी के पास लंबित थी। रिश्वत की मांग और मोलभाव:
आरोप है कि अधिकारी ने इस फाइल को तेजी से निपटाने और आगे बढ़ाने के लिए शुरुआत में 15 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद यह सौदा 10 लाख रुपये में तय हुआ। सीबीआई का जाल (ट्रैप) और गिरफ्तारी:
परेशान शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत केंद्रीय जांच ब्यूरो से की। प्रारंभिक सत्यापन के बाद, सीबीआई की टीम ने एक सुनियोजित जाल बिछाया और 18 अगस्त को आरोपी अधिकारी को उसकी पत्नी के माध्यम से 10 लाख रुपये की कथित रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।