नलगोंडा (तेलंगाना):
तेलंगाना के नलगोंडा जिले में एक निजी स्कूल की प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।
हत्या की सनसनीखेज वजह और साजिश
चोरी की योजना और विवाद:
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी छात्र (जो स्कूल के हॉस्टल में रहता था) को कुछ दिन पहले प्रधानाचार्य ने उसके बैग से मोबाइल और नकदी मिलने पर फटकार लगाई थी। इसके बाद उसे हॉस्टल से हटाकर केवल डे-स्कॉलर (दिन में स्कूल आने वाला) बना दिया गया था, जिससे वह रंजिश रखने लगा था। रुपये और शौक:
आरोपी छात्र शराब पीने का आदी था और उसे जल्दी अमीर बनने तथा दोपहिया वाहन खरीदने की इच्छा थी। उसे यह जानकारी थी कि महीने की 10 तारीख के आसपास स्कूल फीस जमा होने के कारण प्रिंसिपल के घर पर नकदी हो सकती है। इसी लालच में उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर पांच दिनों तक रेकी कर चोरी की योजना बनाई।
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?
घर में घुसपैठ:
योजना के तहत 11 अगस्त की शाम एक छात्र ने कंपाउंड की दीवार फांदकर घर में प्रवेश किया, जबकि दूसरा बाहर निगरानी कर रहा था। अंदर आरोपी ने बेडरूम से करीब 2.5 लाख रुपये नकद चुरा लिए। पहचाने जाने के डर से हमला:
जब आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, तब फोन पर बात कर रही प्रधानाचार्य ने उसे देख लिया और पहचान लिया। पोल खुलने के डर से आरोपी ने धारदार चाकू से उन पर ताबड़तोड़ 27 वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी उनका फोन और नकदी लेकर फरार हो गए।
पुलिस तक ऐसे पहुंचे आरोपी
'बाबू' शब्द का सुराग:
पुलिस जांच के दौरान एक बड़ा मोड़ तब आया जब यह पता चला कि हत्या से ठीक पहले मृतका अपनी मौसी से फोन पर बात कर रही थी और बातचीत के दौरान उन्होंने 'बाबू' (स्थानीय स्तर पर लड़कों या छात्रों के लिए प्रयुक्त शब्द) कहा था। इसके बाद पुलिस का शक स्कूल के छात्रों पर गया। विलासितापूर्ण जीवन और बरामदगी:
घटना के बाद से गायब रहे कुछ छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखी गई तो पता चला कि दो छात्र अचानक पानी की तरह पैसे बहा रहे हैं। पुलिस ने जब उन्हें हिरासत में लिया और पूछताछ की तो उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उनके पास से लूटे गए रुपयों में से खून के धब्बे लगे 1.54 लाख रुपये नकद, मृतका का आईफोन और अन्य सामान बरामद कर लिया है।