वाराणसी में वायुसेना के शो का भव्य आगाज
भारतीय वायुसेना की निन्यानवेवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ गुरुवार को हुआ। विंग्स ओवर गंगा थीम पर आधारित इस बहुप्रतीक्षित आयोजन के पहले दिन आसमान में अनूठा नजारा देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों और दूर-दराज से आए दर्शकों ने इस अद्भुत अनुभव का आनंद लिया। सुबह ग्यारह बजकर चालीस मिनट से दोपहर दो बजे तक चले इस चरण में कुल सौ लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने हिस्सा लिया। इन सभी ने आकाश में पच्चीस अलग-अलग आकृतियां बनाते हुए अपनी कलाबाजियों का प्रदर्शन किया। वायुसेना के इन योद्धाओं की गर्जना से पूरा इलाका गूंज उठा और हर देखने वाले का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। इस दौरान सुरक्षा बलों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी नमो घाट पर उपस्थित रहे और इस शानदार शक्ति प्रदर्शन के गवाह बने।
सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी विमानों की कलाबाजियां
इस भव्य आयोजन के दौरान प्रत्येक विमान समूह और आकृतियों को स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं के साथ जोड़ा गया था। किरण ट्रेनी जेट को काशी नाम से पुकारा गया जबकि ताकतवर सुखोई विमान का कॉल साइन हनुमान रखा गया था। इसके अलावा अपाचे हेलीकॉप्टर को भागीरथी और राफेल लड़ाकू विमान को केदार नाम की पहचान दी गई। राफेल और सुखोई ने हवा में लूप टंबल और यॉव जैसे हैरतअंगेज करतब दिखाकर सबको हैरान कर दिया। बहुत कम गति पर उड़ान भरने की कला और एयरोबेटिक्स के विभिन्न रूपों ने लोगों की आंखें खुली की खुली रख दीं। नमो घाट से लेकर अस्सी घाट तक और चंदौली के बहादुरपुर से रामनगर तक गंगा के दोनों किनारों पर भारी भीड़ जमा थी। छतों और कच्चे घाटों पर खड़े होकर लोगों ने इन रोमांचक दृश्यों को अपनी आंखों में बसाया और इस ऐतिहासिक पल का भरपूर आनंद उठाया।
आगामी कार्यक्रमों और वीआईपी उपस्थिति का विवरण
इस तीन दिवसीय भव्य आयोजन की सफलता को लेकर प्रशासन ने कड़े प्रबंध किए हैं। यह रोमांचक सिलसिला चौबीस और पच्चीस अक्तूबर को भी जारी रहेगा जिससे और अधिक लोग इस शौर्य गाथा के गवाह बन सकें। आगामी कार्यक्रमों में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पच्चीस अक्तूबर को विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी इस आयोजन की शोभा बढ़ाएंगे। उन्नीस और इक्कीस अक्तूबर को किए गए पूर्वाभ्यास से जो उत्सुकता पैदा हुई थी वह गुरुवार को मुख्य शो के शुरू होने के बाद पूरी तरह संतोष और रोमांच में बदल गई। वायु सेना के इस अनुशासन और सटीकता भरे प्रदर्शन ने हर आयु वर्ग के लोगों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ दी है जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है।