'अरुणाचल बॉर्डर पर भारत और चीन आमने-सामने बने हुए हैं', आईटीबीपी डीजी के बयान पर सियासत गरमाई
सिवान में पटाखा कारोबारी के घर में ब्लास्ट; 7 की मौत की सूचना, 2 घंटे तक होते रहे धमाके
ईरान पर कहर बरपाने को तैयार था इजरायल, मगर ट्रंप ने रोक दिया; किस शर्त पर माने नेतन्याहू
दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की नेहा बोरा की याचिका, 'पीस बॉन्ड' भरने के खिलाफ की थी अपील
PHOTOS: बंगाल की खाड़ी में फिर जागा समुद्री राक्षस, सबको निगलने के लिए है बेताब, IMD ने बताया कब बरपाएगा कह...
राहुल गांधी पर पीएम मोदी के लगातार हमले लेकिन नेहा बोरा-दीपके पर चुप्पी के क्या मायने हैं
MLC Election Live: यूपी में मतदान सुस्त, पटना मे अनंत सिंह के समर्थकों ने की आतिशबाजी, 4 राज्यों में मतदान संपन्न
अमिताभ बच्चन का बंगला उड़ाने की धमकी: दिलजीत दोसांझ को जान से मारने का मेल; 5 दिन पहले टाइगर श्रॉफ पर हुई थ...
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
बड़ी छंटनी: उबर ने 3300 कर्मचारियों को निकाला, एआई रोबोटैक्सी पर बढ़ा ध्यान
वैश्विक राइड-शेयरिंग दिग्गज उबर ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने वर्कफोर्स में भारी कटौती की है। कंपनी ने लगभग 3,300 कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया है, जिसके पीछे मुख्य वजह भविष्य की आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर फोकस बढ़ाना बताया जा रहा है।
A
Ankit Yadav
04 सित 2026, 12:23
दुनिया भर में अपनी कैब सेवाओं के लिए मशहूर कंपनी उबर ने हाल ही में एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है, जिसके तहत लगभग 3,300 कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। इस अचानक उठाए गए कदम ने कॉरपोरेट जगत और तकनीक क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है। कंपनी के इस फैसले को व्यापारिक रणनीतियों में आ रहे बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां पारंपरिक तौर-तरीकों को छोड़कर पूरी तरह से ऑटोमेशन और सॉफ्टवेयर आधारित भविष्य की तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है। प्रभावित होने वाले कर्मचारियों में विभिन्न विभागों के लोग शामिल हैं, जिन्हें इस छंटनी की वजह से बड़ा झटका लगा है।
एआई रोबोटैक्सी और ऑटोमेशन की ओर कदम
उबर द्वारा लिए गए इस बड़े फैसले के केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्राइवरलेस तकनीक यानी रोबोटैक्सी का विकास है। कंपनी आने वाले समय में अपने संचालन को पूरी तरह से तकनीकी रूप से सक्षम और अधिक कुशल बनाना चाहती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि मानव चालित वाहनों के बजाय ऑटोनॉमस वाहनों और एआई आधारित परिवहन नेटवर्क पर भारी निवेश करने की योजना के तहत यह छंटनी की गई है। आने वाले वर्षों में मोबिलिटी मार्केट का नक्शा पूरी तरह बदलने की उम्मीद है, और उबर खुद को इस दौड़ में सबसे आगे रखना चाहती है, जिसके लिए वह अपनी कार्यशैली और लागत संरचना में कड़े बदलाव कर रही है।
व्यवसाय को अधिक चुस्त और आधुनिक बनाने की इस प्रक्रिया में लागत में कटौती करना प्रबंधन की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। कंपनी के अंदरूनी सूत्रों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि पारंपरिक प्रशासनिक और ऑपरेशनल भूमिकाओं को कम करके उन पैसों को अत्याधुनिक अनुसंधान और तकनीकी ढांचे पर लगाया जाएगा। इस प्रकार के बड़े संगठनात्मक फेरबदल से कंपनी को लंबी अवधि में मुनाफा बढ़ाने में मदद मिल सकती है, हालांकि शुरुआती दौर में छंटनी के शिकार हुए लोगों और श्रम संगठनों की तरफ से इसकी कड़ी आलोचना भी देखने को मिल रही है।
भविष्य की चुनौतियां और बाजार की प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक स्तर पर तकनीक कंपनियों में कर्मचारियों की सुरक्षा और एआई के बढ़ते प्रभाव को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छिड़ गई है। कई विश्लेषकों का यह भी कहना है कि ऑटोमेशन के दौर में नौकरियों पर संकट आना तय माना जा रहा था, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में एक साथ कर्मचारियों को निकाला जाना यह साबित करता है कि कंपनियां अब पारंपरिक मॉडल से तेजी से किनारा कर रही हैं। उबर के शेयरधारकों और निवेशकों के लिए यह कदम भले ही भविष्य के लिहाज से सकारात्मक संकेत हो, लेकिन नैतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से यह एक संवेदनशील विषय बन गया है।
आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उबर अपनी रोबोटैक्सी योजनाओं को समय पर धरातल पर उतार पाती है या नहीं। कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिना किसी मानवीय बाधा के एआई सिस्टम को पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी रूप से लागू करने की होगी। इस बड़े पैमाने पर हुई छंटनी के बाद अब उद्योग के अन्य दिग्गज भी अपनी रणनीतियों की समीक्षा कर सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में टेक और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।