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ब्रिक्स सम्मेलन समापन: दुनिया में लगातार बढ़ रहे हैं तनाव, प्रधानमंत्री का बड़ा बयान
ब्रिक्स सम्मेलन का आज सफलतापूर्वक समापन हो रहा है। इस अवसर पर विश्व नेताओं का सामूहिक फोटो सत्र आयोजित किया गया, जबकि ओपन सेशन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनावों पर गहरी चिंता व्यक्त की।
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Ankit Yadav
14 सित 2026, 12:53
वैश्विक मंच पर भू-राजनीतिक हलचल के बीच आज ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन का औपचारिक समापन हो रहा है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक सत्र आयोजित किए गए, जिसमें दुनिया भर से आए शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान पारंपरिक रूप से सभी प्रमुख राष्ट्रप्रमुखों और विश्व नेताओं का एक भव्य ग्रुप फोटो सेशन भी संपन्न हुआ, जो वैश्विक दक्षिण की एकजुटता और संवाद का एक बड़ा प्रतीक माना जाता है। इस आयोजन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कूटनीतिक वार्ताओं के महत्व को रेखांकित किया है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया अनेक मोर्चों पर अनिश्चितता का सामना कर रही है।
ओपन सेशन में प्रधानमंत्री का संबोधन
ब्रिक्स समिट के ओपन सेशन को संबोधित करते हुए देश के प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर बहुत ही महत्वपूर्ण और विचारणीय मुद्दे उठाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान समय में दुनिया भर में तनाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक समस्याओं का समाधान केवल आपसी संवाद, कूटनीति और बहुपक्षीय सहयोग के माध्यम से ही निकाला जा सकता है। उनके इस संबोधन को अंतरराष्ट्रीय मीडिया और कूटनीतिक विशेषज्ञों द्वारा बेहद बारीकी से देखा जा रहा है, क्योंकि यह वक्तव्य मौजूदा वैश्विक व्यवस्था में भारत की मजबूत स्थिति और शांति की वकालत करने वाले रुख को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न सदस्य देशों के बीच आर्थिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग, और व्यापारिक सुरक्षा जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा अयोध्या जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण भारतीय शहरों के नागरिक भी इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि वैश्विक आर्थिक नीतियां और कूटनीतिक समझौते सीधे तौर पर देश के विकास और राज्यों की प्रगति को प्रभावित करते हैं। ब्रिक्स जैसे मंचों के माध्यम से उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को एक मजबूत आवाज मिलती है, जो वैश्विक वित्तीय संस्थानों और व्यापारिक नियमों में संतुलन स्थापित करने में सहायक सिद्ध होती है।
इस शिखर सम्मेलन के समापन के साथ ही कई द्विपक्षीय बैठकों के निष्कर्ष भी सामने आ रहे हैं, जो आने वाले महीनों में वैश्विक राजनीति की दिशा तय करेंगे। दुनिया के तमाम बड़े नेता आने वाले समय में आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ अपने-अपने देशों के लिए रवाना होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए तनाव और शांति के मुद्दे पर वैश्विक समुदाय को गंभीरता से विचार करना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्थिर दुनिया का निर्माण किया जा सके।