कंटाप
NEWS
बुधवार, 16 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
दो हज़ार रुपये से अधिक की इस यूपीआई पेमेंट पर लगेगा चार्ज, जानिए आम लोगों पर क्या होगा असर      पाकिस्तान ने 'मोस्ट वॉन्टेड' मसूद अज़हर पर क्यों बढ़ाई इनामी रकम      हूती विद्रोहियों के हमले के बीच सऊदी अरब ने मक्का और जेद्दाह में जारी किए थे अलर्ट      सऊदी ने 30 साल में पहली बार चलाई चीन से मिली DF-15A मिसाइल, हूतियों को बनाया निशाना, यमन के रेगिस्तान में गिरी      Gurugram Hit And Run Case Live: गुरुग्राम में महिला बाइकर को टक्कर मारने वाला आरोपी गिरफ्तार, राजस्थान से प...      बिहार में UCC किसी कीमत पर लागू नहीं होगा, अमित शाह के ऐलान के बाद बोले जदयू MLA      महिलाएं सावधान! मार्केट में धड़ल्ले से बिक रहा पाकिस्तानी मेकअप का सामान, चेतावनी      नंदीग्राम उपचुनाव में BJP का बड़ा दांव, CM शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत PA की मां को टिकट; रेजीनगर से किसे बना     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
देश-दुनिया

रणनीतिक संदेश: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में पीएम मोदी ने तकनीक और खनिजों के हथियारीकरण के खिलाफ चेताया

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक समुदाय के सामने एक मजबूत रुख रखते हुए स्पष्ट किया है कि प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों का इस्तेमाल कभी भी भू-राजनीतिक हथियार के रूप में नहीं होना चाहिए।

A
Ankit Yadav
14 सित 2026, 11:24
रणनीतिक संदेश: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में पीएम मोदी ने तकनीक और खनिजों के हथियारीकरण के खिलाफ चेताया
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर के प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए एक बेहद अहम और सामयिक मुद्दा उठाया है। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक युग में तकनीकी प्रगति और महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता का किसी भी देश या शक्ति द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उनका यह बयान वैश्विक स्तर पर बढ़ती आपूर्ति श्रृंखला की अनिश्चितताओं और व्यापारिक तनावों के बीच बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत हमेशा से निष्पक्ष व्यापार और वैश्विक सहयोग का पक्षधर रहा है, और इस मंच से यह संदेश स्पष्ट कर दिया गया कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को सुरक्षित और स्थिर माहौल मिलना आवश्यक है।

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और सुरक्षा पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आपसी भरोसे की वकालत की। उन्होंने रेखांकित किया कि जब तकनीकी संसाधनों और दुर्लभ खनिजों को नियंत्रण का माध्यम बनाया जाता है, तब सबसे ज्यादा नुकसान विकासशील देशों और वैश्विक दक्षिण को उठाना पड़ता है। आधुनिक समय में सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा उपकरण और डिजिटल ढांचागत विकास के लिए ये खनिज और तकनीकें रीढ़ की हड्डी के समान हैं। यदि इन पर कुछ ही देशों का एकाधिकार रहा या इन्हें कूटनीतिक दबाव बनाने के औजार के रूप में इस्तेमाल किया गया, तो पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता खतरे में पड़ सकती है। भारत की यह स्पष्ट राय है कि तकनीकी और प्राकृतिक संसाधनों का वितरण और उपयोग पारदर्शी तथा न्यायसंगत होना चाहिए। ब्रिक्स समूह के भीतर इस बात पर लंबे समय से चर्चा चल रही है कि किस प्रकार सदस्य देश आपसी व्यापार और नवाचार को बढ़ावा दे सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी का यह आह्वान इस दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है, जहां देश साझा हितों के आधार पर एक मजबूत आर्थिक नेटवर्क तैयार कर सकें। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और ऐतिहासिक नगरी अयोध्या सहित देश के विभिन्न हिस्सों में इस वैश्विक कूटनीति और भारत के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव पर व्यापक चर्चा हो रही है। देश की जनता और राजनीतिक हलकों में भी इस बात की सराहना की जा रही है कि भारत वैश्विक मंचों पर पूरी मजबूती के साथ निष्पक्षता और न्याय का पक्ष रख रहा है। आने वाले समय में ब्रिक्स देशों के बीच इस प्रस्ताव पर और अधिक गहन विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। वैश्विक मंच पर इस प्रकार के स्पष्ट विचारों के सामने आने से अंतरराष्ट्रीय समझौतों और व्यापारिक नीतियों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह चेतावनी भविष्य की वैश्विक नीतियों को दिशा देने का काम करेगी, जिससे तकनीकी असमानता और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सकेगी। भारत की यह कूटनीतिक पहल दुनिया भर में स्थिरता और सहयोग के नए द्वार खोलने की क्षमता रखती है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज