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देश-दुनिया ब्रेकिंग

बड़ा हादसा: धारचूला में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला कुला गाड़ ब्रिज उफनते नाले में बहा, आवाजाही पूरी तरह बंद

उत्तराखंड के धारचूला इलाके में भारी मानसूनी तबाही के चलते भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कुला गाड़ ब्रिज उफनते नाले की चपेट में आकर बह गया है, जिससे इस सामरिक रूप से संवेदनशील मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है।

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Ankit Yadav
12 सित 2026, 13:09
बड़ा हादसा: धारचूला में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला कुला गाड़ ब्रिज उफनते नाले में बहा, आवाजाही पूरी तरह बंद
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ताजा घटनाक्रम के तहत धारचूला क्षेत्र में भारत-चीन सीमा को आपस में जोड़ने वाला कुला गाड़ ब्रिज उफनते हुए नाले के तेज बहाव में टिक नहीं सका और ढह गया। इस महत्वपूर्ण पुल के बह जाने के कारण सीमावर्ती इलाकों से संपर्क कट गया है और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों की आवाजाही पर भी गंभीर असर पड़ा है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर यातायात को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है।

सामरिक और भौगोलिक महत्व

पहाड़ी इलाकों में बुनियादी ढांचे पर मौसम की मार अक्सर भारी पड़ती है, और यह घटना उसी का एक गंभीर उदाहरण है। कुला गाड़ ब्रिज केवल आम नागरिकों के आने-जाने का माध्यम नहीं था, बल्कि भारत और चीन की सीमा से जुड़े इस क्षेत्र में रक्षा और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी इसकी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका थी। सीमावर्ती चौकियों तक रसद और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग किया जाता था। पुल के ध्वस्त हो जाने से अब इस पूरे क्षेत्र में आवागमन का वैकल्पिक रास्ता तलाशने की चुनौती खड़ी हो गई है, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। प्रभावित स्थल का जायजा लेने के लिए टीमों को रवाना कर दिया गया है ताकि स्थिति का सही आकलन किया जा सके। हालांकि, नाले में अभी भी अत्यधिक तेज पानी का बहाव बना हुआ है, जिसके कारण राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ निरीक्षण का काम भी भारी मुश्किलों के बीच किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर कम होने के बाद ही नुकसान का वास्तविक पैमाना सामने आ सकेगा।

युद्धस्तर पर बहाव कार्य की तैयारी

स्थानीय लोगों और यात्रियों को फिलहाल भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि दोनों तरफ से वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि कैसे जल्द से जल्द अस्थायी संपर्क स्थापित किया जाए ताकि सीमावर्ती इलाकों में जरूरी सामानों की आपूर्ति बाधित न हो। संबंधित विभागों के वरिष्ठ इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया गया है ताकि पुल के पुनर्निर्माण की रूपरेखा तैयार की जा सके और यातायात को सुचारू बनाने के लिए वैकल्पिक रास्तों पर तुरंत विचार किया जा सके।
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