राजधानी रियाद और तेल भंडारों पर भीषण आघात
हूती लड़ाकों ने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात सऊदी अरब की मुख्य राजधानी रियाद को अपने निशाने पर लिया। इस दौरान वहां एक के बाद एक कई बैलेस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और मानवरहित ड्रोन दागे गए, जिससे क्षेत्र में भारी तबाही मच गई। दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी मानी जाने वाली अरामको पर भी हमला बोला गया, जिसके बाद वहां एक भयंकर आग सुलग उठी। इसके अलावा अल-खर्ज क्षेत्र को भी क्रूज मिसाइल हमले का शिकार बनाया गया। इस खास इलाके में सऊदी अरब का प्रतिष्ठित प्रिंस सुल्तान वायुसेना अड्डा और कई अन्य सामरिक सैन्य प्रतिष्ठान स्थित हैं। हालांकि इन तमाम हमलों की वजह से हुए कुल भौतिक नुकसान के बारे में सऊदी प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान या आंकड़े साझा नहीं किए हैं। हमलों का यह दौर सितंबर महीने से लगातार जारी है, जिससे देश के कई प्रमुख कारोबारी क्षेत्रों पर गहरा असर पड़ा है। इस पूरी स्थिति के कारण देश का तेल उद्योग, उड्डयन तंत्र और पर्यटन कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो चुके हैं।
हवाई अड्डे पर हताहतों की संख्या और कूटनीतिक हलचल
रियाद हवाई अड्डे के परिसर में हुए इन घातक हमलों की जद में आकर घायल हुए कुछ नागरिकों की इलाज के दौरान मौत हो गई है। ताजा मौतों के सामने आने के बाद हवाई अड्डे पर जान गंवाने वाले कुल लोगों की संख्या अब बढ़कर 18 तक पहुंच चुकी है। इस हिंसा में तीन सौ से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हूती संगठन की राजनीतिक शाखा के प्रमुख प्रतिनिधि मुहम्मद अल-बुखाती ने इस संदर्भ में एक बड़ा बयान जारी किया है। उनके अनुसार ओमान देश दोनों विरोधी पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसके अतिरिक्त रूस और चीन जैसे वैश्विक राष्ट्र भी इस चल रहे संघर्ष को समाप्त कराने के लिए सक्रिय रूप से शांति पहल कर रहे हैं। हूती संगठन की तरफ से यह भी स्पष्ट किया गया कि उनकी राजधानी सना और उनके अपने तेल प्रतिष्ठानों पर किए गए सऊदी हमलों के प्रतिकार में यह ताजा आक्रामकता दिखाई गई है। हूती प्रतिनिधियों ने कहा कि वे इस लड़ाई को हमेशा के लिए खत्म करने वाली हर एक मध्यस्थता का पूरी तरह से स्वागत करने के लिए तैयार हैं।
वैश्विक प्रतिक्रिया और यमन के शहरों का संकट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड इस पूरी सैन्य तनातनी के बीच खुलकर सामने आए हैं और उन्होंने कहा है कि इस लड़ाई में अमेरिका की सीधी भागीदारी के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। दूसरी ओर पश्चिमी देशों के अत्याधुनिक हथियारों की भारी-भरकम खरीदारी करने के बावजूद सऊदी अरब इस अपरंपरागत लड़ाका संगठन के सामने कमजोर साबित हो रहा है। इस परिस्थिति की वजह से मुस्लिम जगत के एक अत्यंत शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में सऊदी अरब की पुरानी प्रतिष्ठा को बड़ा आघात लगा है। एक तरफ जहां यह युद्ध जारी है, वहीं दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत संचालित होने वाले विश्व खाद्य कार्यक्रम ने गंभीर चिंता जताई है। यमन सरकार के पूर्ण नियंत्रण वाले तैज शहर में मानवीय जीवन इस समय भारी संकट के दौर से गुजर रहा है। इस विशिष्ट शहर को हूती लड़ाकों ने चारों तरफ से घेर रखा है और बाहरी सीमाओं पर सरकारी सैनिकों के साथ उनकी भयंकर मुठभेड़ चल रही है। सड़कों के बंद होने के कारण शहर के भीतर बाहरी इलाकों से किसी भी तरह की जरूरी सामानों की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो चुकी है। खाद्यान्न और अन्य जरूरी चीजों के नहीं पहुंचने से इस शहर में रहने वाले लगभग छह लाख लोगों के सामने भोजन का विकट संकट उत्पन्न हो गया है।