पुष्कर में तीन विदेशी महिलाएं गिरफ्तार
राजस्थान के पुष्कर शहर में पुलिस ने तीन विदेशी नागरिकों को वीजा नियमों को तोड़ने के आरोप में पकड़ा है। इनमें से दो महिलाएं थाईलैंड की रहने वाली हैं, जबकि एक महिला का ताल्लुक केन्या देश से है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि थाईलैंड की दोनों महिलाएं अवैध मार्ग का सहारा लेते हुए भारत-नेपाल सीमा से होकर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुई थीं। दूसरी तरफ, केन्याई महिला ने अपने स्वीकृत वीजा की अवधि पूरी होने के बावजूद भारत में रहना जारी रखा था। इन तीनों विदेशी नागरिकों के पास से उचित कानूनी दस्तावेज न मिलने के बाद पुलिस ने इन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया है। इन महिलाओं की पहचान और गतिविधियों के बारे में पुख्ता जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने यह कदम उठाया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से इन महिलाओं को अब अलवर जिले में बने डिटेंशन सेंटर में भेज दिया गया है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सीआईडी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दी गई है। मुखबिर से मिली सटीक जानकारी के बाद पुलिस की एक टीम ने पुष्कर के एक होटल में दबिश दी थी। होटल के कमरों की तलाशी के दौरान वहां छिपी हुई इन तीनों विदेशी महिलाओं को रंगे हाथों पकड़ा गया। जब पुलिस ने उनके दस्तावेजों की गहन जांच की, तो पता चला कि केन्या की महिला मार्च 2025 में 90 दिनों के वैध वीजा पर भारत आई थी। हालांकि, वीजा की समय-सीमा समाप्त हो जाने के बाद भी उसने बिना किसी अनुमति के भारत में अपना प्रवास जारी रखा। पुलिस अब उन होटल संचालकों की भी पहचान कर रही है जिन्होंने इन विदेशी नागरिकों को बिना वैध दस्तावेजों के अपने परिसर में शरण दी थी या किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान की थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे होटल मालिकों और सहायकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वीजा नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख
भारत में विदेशी नागरिकों के लिए वीजा की शर्तों का पालन करना अनिवार्य होता है और किसी भी प्रकार की कोताही कानूनी संकट पैदा कर सकती है। थाईलैंड की दोनों महिलाओं का भारत-नेपाल सीमा पार करके अवैध रूप से भारत में आना एक गंभीर सुरक्षा चूक का मामला माना जा रहा है। केन्या की महिला का वीजा एक्सपायर होने के बाद भी देश में रुकना, आव्रजन कानून के तहत दंडनीय अपराध है। पुष्कर में हुई इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय पर्यटन और होटल उद्योग से जुड़े लोगों के बीच सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी विदेशी को बिना वैध दस्तावेजों के शरण देना कानूनन जुर्म है। आने वाले दिनों में पुलिस उन सभी ठिकानों की जांच कर सकती है जहां विदेशी नागरिक नियमों को ताक पर रखकर रह रहे हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर विदेशी पर्यटकों के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।