सिंगापुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने निर्धारित विदेश दौरे के तहत सिंगापुर पहुंच चुके हैं। सिंगापुर की धरती पर कदम रखते ही भारतीय उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण दौरे का मुख्य मकसद राज्य में विदेशी निवेश की संभावनाओं को मजबूत करना है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत के बड़े दिग्गजों के साथ नए और मजबूत कारोबारी संबंध स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री अपने इस प्रवास के दौरान सिंगापुर के प्रमुख निवेशकों और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ सिलसिलेवार बैठकें करेंगे। इन बैठकों के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर उपलब्ध निवेश के नए अवसरों, औद्योगिक विकास की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रोजगार संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सरकार का यह प्रयास है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया जाए और औद्योगिक गतिविधियों को एक नई गति प्रदान की जाए, ताकि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुल सकें।
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के मंच पर भागीदारी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस विदेशी दौरे की सभी जरूरी जानकारियां सार्वजनिक की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन की तरफ से आयोजित किए जा रहे पहले एसआईएनजी फोरम 2026 में छत्तीसगढ़ को एक सहभागी राज्य के तौर पर शामिल होने का अनूठा अवसर मिला है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच के जरिए राज्य सरकार अपनी प्रमुख उपलब्धियों, विकास की अपार संभावनाओं और निवेश के तमाम अवसरों को वैश्विक निवेशकों के सामने खुलकर रखने की पूरी तैयारी कर चुकी है। मुख्यमंत्री इस बड़े मंच से सीधे तौर पर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ की धरती पर निवेश करने के लिए आमंत्रित करेंगे। इसके अलावा, दौरे के दौरान एक विशेष सीईओ राउंडटेबल बैठक का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री खुद शिरकत करेंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक में सिंगापुर के तमाम बड़े निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ छत्तीसगढ़ में कारोबार स्थापित करने की संभावनाओं पर गहन मंथन होगा, जिससे राज्य में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बल मिल सके।
नई औद्योगिक नीति और संसाधनों पर जोर
राज्य सरकार की स्पष्ट रणनीति है कि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश केंद्रों की सूची में मजबूती के साथ स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि राज्य की नई औद्योगिक नीति, प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुर उपलब्धता, मजबूत बुनियादी ढांचा और कुशल मानव संसाधन निवेश के सबसे बड़े और ठोस आधार हैं। सरकार उभरते हुए विभिन्न सेक्टरों में मौजूद संभावनाओं को सामने रखकर वैश्विक कंपनियों को प्रदेश की ओर आकर्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की एक मजबूत और स्वतंत्र पहचान बनाना है। इस दौरे के माध्यम से विदेशी निवेशकों के साथ संवाद का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। सरकार चाहती है कि विदेशी कंपनियां राज्य में आकर अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करें। इससे न केवल बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए और बेहतरीन अवसर भी पैदा होंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार मिलेगा।