प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगठनों की अनूठी पहल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त तीन प्रमुख संगठनों द्वारा प्रत्येक वर्ष 14 अक्टूबर का दिन विश्व मानक दिवस के रूप में निर्धारित किया गया है। इन संगठनों में अंतर्राष्ट्रीय विद्युत प्रौद्योगिकी आयोग के साथ अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन और अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ शामिल हैं। यह विशेष दिवस वैश्विक स्तर पर मानकों के निर्माण और उनके व्यावहारिक उपयोग में दिन-रात जुटे हजारों विशेषज्ञों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करता है। वर्ष 2021 से इन तीनों प्रमुख निकायों ने मिलकर एक साझा वैचारिक रूपरेखा तैयार की है जिसके तहत सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मानकों की महत्ता को प्रदर्शित किया जा रहा है। यह एक लंबी बहु-वर्षीय यात्रा है जिसका मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक दुनिया भर में गरीबी को पूरी तरह से मिटाना और हमारे ग्रह की रक्षा करना है। इसके अलावा इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना भी है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रत्येक सदस्य देश के सभी नागरिकों को शांति और समृद्धि दोनों प्राप्त हो सकें।
स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा के लिए मानकों का महत्व
इस वर्ष यानी 2026 के विश्व मानक दिवस का मुख्य विषय सतत विकास लक्ष्य सात की प्राप्ति पर केंद्रित है। इसके तहत किफायती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने में अंतरराष्ट्रीय मानकों की भूमिका को बहुत गहराई से रेखांकित किया जा रहा है। पारंपरिक ऊर्जा के पुराने स्रोतों की तुलना में आज स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा का विकल्प कहीं अधिक मूल्यवान साबित हो रहा है। यह ऊर्जा विभिन्न समुदायों के आपसी संपर्क को बनाए रखने में भारी मदद करती है और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से नए आर्थिक अवसर पैदा करती है। अंतरराष्ट्रीय मानक ही इस पूरी व्यवस्था को जमीन पर उतारने की असली कुंजी माने जाते हैं। मानकों की एक मजबूत और व्यवस्थित प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि देश की पूरी ऊर्जा अवसंरचना सुरक्षित तरीके से संचालित हो। इसके साथ ही यह आज के दौर की डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ ऊर्जा प्रणालियों के सहज एकीकरण की अनुमति भी देती है जिससे पूरी प्रक्रिया अत्यंत कुशल बन जाती है।
व्यावहारिक समाधानों और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में कदम
वर्तमान वर्ष के इस विशेष पर्व पर सतत विकास लक्ष्य सात से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को जमीनी और व्यावहारिक समाधानों में बदलने का जश्न मनाया जा रहा है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे तीव्र विकास के दौर में यह व्यवस्था और अधिक प्रासंगिक हो गई है। डिजिटल परिवर्तन के साथ हरित परिवर्तन और स्मार्ट विनिर्माण के विकास में भी मानकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। संसाधनों का सही उपयोग और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां और विभाग लगातार प्रयास कर रहे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस अवसर पर सभी संबंधित नगर निगमों वार्ड समितियों और संगठनों से विशेष अनुरोध किया है। विभाग चाहता है कि सभी लोग डिजिटल प्लेटफार्मों और अपनी वेबसाइटों के माध्यम से सतत विकास में इन मानकों की महत्ता का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं ताकि समाज का हर वर्ग इससे पूरी तरह लाभान्वित हो सके।