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शिक्षा

सराहनीय पहल: ईस्ट एशिया यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने सैनिकों के लिए फीस आधी की

ईस्ट एशिया यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने देश के लिए अपनी सेवाएं दे चुके सेवानिवृत्त सैनिकों को बड़ी राहत देते हुए उनकी ट्यूशन फीस में पचास प्रतिशत की भारी कटौती करने का फैसला किया है।

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Ankit Yadav
30 अग 2026, 13:20
सराहनीय पहल: ईस्ट एशिया यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने सैनिकों के लिए फीस आधी की
शिक्षा के क्षेत्र में एक बेहद सकारात्मक और अनूठी पहल सामने आई है, जिसके तहत पूर्व सैनिकों के उच्च शिक्षा प्राप्त करने के सपनों को और अधिक सुलभ बनाया जा रहा है। प्राप्त जानकारियों के अनुसार, ईस्ट एशिया यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने यहां पढ़ाई करने वाले सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए शिक्षण शुल्क यानी ट्यूशन फीस में सीधे तौर पर पचास प्रतिशत की भारी कमी करने की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से उन तमाम पूर्व सैनिकों को सीधा लाभ मिलेगा जो सेना से अपनी सेवा पूरी करने के बाद अकादमिक दुनिया में कदम रखना चाहते हैं या अपने कौशल को और अधिक निखारना चाहते हैं।

सैनिकों के भविष्य को संवारने की दिशा में बड़ा कदम

यह निर्णय न केवल उन व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक जरिया है जिन्होंने अपना जीवन देश की रक्षा और सुरक्षा में समर्पित कर दिया, बल्कि यह उन्हें नागरिक जीवन में एक नई शुरुआत करने का मजबूत अवसर भी प्रदान करता है। कई बार आर्थिक बाधाएं या फिर महंगी शिक्षा पूर्व सैनिकों के लिए आगे की पढ़ाई में एक बड़ी रुकावट बन जाती हैं। ऐसे में इस प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान द्वारा फीस में आधी रियायत देना एक बहुत बड़ा संबल साबित होगा। विश्वविद्यालय के इस कदम की सराहना हर तरफ हो रही है और इसे अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी एक बेहतरीन प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है ताकि वे भी पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए आगे आएं। इस विशेष छूट योजना का लाभ उठाने के लिए पूर्व सैनिकों को विश्वविद्यालय के तय किए गए प्रशासनिक नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। संस्थान प्रशासन का मानना है कि देश की रक्षा करने वाले वीरों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती शिक्षा उपलब्ध कराना उनकी नैतिक जिम्मेदारी भी है। इस प्रकार की पहल से न केवल विश्वविद्यालय परिसर में विविधता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश के प्रति अपनी सेवाएं दे चुके इन अनुभवी नागरिकों को विभिन्न व्यावसायिक और तकनीकी क्षेत्रों में अपनी नई पारी की शुरुआत करने का अवसर भी सुगम हो सकेगा।

समाज और शिक्षा जगत में सकारात्मक संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की रियायतें मिलने से अधिक से अधिक पूर्व सैनिक उच्च शिक्षा और आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों की ओर आकर्षित होंगे। आज के समय में तकनीकी और उच्च शिक्षा की महत्ता लगातार बढ़ती जा रही है, और यदि हमारे पूर्व सैनिक भी इन क्षेत्रों में आगे बढ़ते हैं, तो वे राष्ट्र निर्माण में एक बार फिर से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यूनिवर्सिटी के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में अन्य विश्वविद्यालय और कॉलेज भी इस प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं को अपने यहां लागू करेंगे, जिससे पूरे देश में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
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