कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?      अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

शैक्षणिक बदलाव: बिहार में 10वीं-12वीं की परीक्षा में कोई नहीं होगा फेल और शनिवार को आधे दिन खुलेंगे स्कूल

बिहार के शिक्षा विभाग ने स्कूली शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा संशोधन पेश किया है, जिसके तहत माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं की रूपरेखा में कई अहम फेरबदल किए गए हैं।

A
Ankit Yadav
30 अग 2026, 14:41
शैक्षणिक बदलाव: बिहार में 10वीं-12वीं की परीक्षा में कोई नहीं होगा फेल और शनिवार को आधे दिन खुलेंगे स्कूल
बिहार राज्य के भीतर शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई बड़े प्रशासनिक निर्णय लिए गए हैं। शिक्षा व्यवस्था में छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने और उनकी उपस्थिति को नियमित करने के लिए हाल ही में कई बदलावों की घोषणा की गई है, जिससे राज्य के लाखों विद्यार्थियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार इन नए दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देना और शिक्षण संस्थानों में पठन-पाठन के तौर-तरीकों को अधिक व्यावहारिक बनाना है।

शनिवार के दिन स्कूलों का नया समय

आगामी व्यवस्था के तहत अब राज्यभर के सभी विद्यालय शनिवार के दिन केवल आधे समय के लिए ही संचालित किए जाएंगे। इस निर्णय से शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को साप्ताहिक कार्यदिवस के दौरान कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आधे दिन की पढ़ाई होने से छात्र अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी अपनी रुचि दिखा सकेंगे और उनका बौद्धिक विकास बेहतर ढंग से हो पाएगा। इसके अलावा स्कूल प्रशासन को भी साप्ताहिक रिपोर्ट और अन्य प्रशासनिक कार्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव और राहत

सबसे महत्वपूर्ण घोषणा दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को लेकर सामने आई है, जिसमें यह तय किया गया है कि किसी भी छात्र को बोर्ड स्तर की परीक्षाओं में असफल घोषित नहीं किया जाएगा। इस नीतिगत निर्णय का उद्देश्य छात्रों के बीच परीक्षा के डर को समाप्त करना और उन्हें उच्च शिक्षा की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। जानकारों का कहना है कि परीक्षा के दबाव के कारण कई छात्र बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देते थे, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, इसके साथ ही विद्यार्थियों की मूल्यांकन प्रक्रिया और आंतरिक परीक्षाओं की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं ताकि शिक्षा के स्तर में किसी प्रकार की गिरावट न आए। राज्य के विभिन्न जिलों में इन नए नियमों को सुचारू रूप से लागू करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भेज दिए गए हैं। अभिभावक वर्ग और शिक्षक संघ इस पहल पर अपनी मिली-जुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जहां कुछ लोग इसे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं, वहीं कुछ विश्लेषक इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि विद्यालय इन बदलावों को अपने दैनिक कामकाज में किस प्रकार ढालते हैं और इससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणामों पर कितना अनुकूल प्रभाव पड़ता है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज