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शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव: एनईपी 2026 के तहत स्कूली छात्रों के लिए कोडिंग और एआई अनिवार्य

केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु कोडिंग और एआई को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का फैसला किया है।

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Kantap News डेस्क
05 अग 2026, 13:16
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव: एनईपी 2026 के तहत स्कूली छात्रों के लिए कोडिंग और एआई अनिवार्य

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आज एक क्रांतिकारी निर्णय की घोषणा की है, जिसके तहत देश भर के सभी माध्यमिक विद्यालयों में कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। नई शिक्षा नीति 2026 के तहत यह कदम छात्रों को 21वीं सदी के कौशल से लैस करने के लिए उठाया गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत को 'वैश्विक ज्ञान केंद्र' बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। अब कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक के छात्रों को प्रोग्रामिंग और मशीन लर्निंग के बुनियादी सिद्धांतों को सीखना होगा। यह बदलाव आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा।

छात्रों और शिक्षकों की भूमिका यह पाठ्यक्रम न केवल तकनीकी कौशल प्रदान करेगा, बल्कि छात्रों में तार्किक सोच और समस्या समाधान की क्षमता को भी विकसित करेगा। शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि वे छात्रों को इन विषयों को प्रभावी ढंग से सिखा सकें। सरकार ने इसके लिए राज्यों को विशेष बजट आवंटित करने का भी वादा किया है। कई निजी स्कूलों ने इस पहल का स्वागत किया है और कहा है कि वे पहले से ही इस तरह के विषयों पर ध्यान दे रहे हैं, लेकिन अब सरकार के इस आदेश से एक मानक पाठ्यक्रम तैयार होगा।

भविष्य की रोजगार संभावनाएं आज की तेजी से बदलती तकनीक दुनिया में, कोडिंग और एआई की जानकारी होना एक आवश्यक कौशल बन गया है। इस निर्णय से भारत के लाखों छात्रों को भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि कोडिंग को प्राथमिक शिक्षा से ही जोड़ने से देश में इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा और स्टार्टअप संस्कृति और मजबूत होगी। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में डिजिटल बुनियादी ढांचे की कमी को पूरा करना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। यह नीति भविष्य की पीढ़ियों को दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने में मदद करेगी।

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