फिल्म की कमाई में दूसरे दिन आई भारी गिरावट सिनेमाघरों में अपनी मजबूत शुरुआत के तुरंत बाद द पैराडाइज फिल्म के कारोबार में एक दिलचस्प और अप्रत्याशित मोड़ देखने को मिला है जब इसकी टिकटो की बिक्री और कुल दैनिक राजस्व में पचास प्रतिशत से भी ज्यादा की सीधी और तीव्र गिरावट दर्ज की गई। किसी भी नई फिल्म के लिए शुरुआती दिनों में इस तरह का बड़ा अंतर आना आमतौर पर उसके व्यवसाय को कमजोर कर सकता है, क्योंकि वीकेंड या शुरुआती वर्किंग डेज में दर्शक किस प्रकार प्रतिक्रिया देते हैं, यह सिनेमाघरों में फिल्म के भविष्य को तय करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। निर्माताओं और वितरकों के लिए यह आंकड़ा काफी चौंकाने वाला रहा, क्योंकि फिल्म ने पहले दिन जिस प्रकार का शानदार और तेज प्रदर्शन दिखाया था, उससे यह उम्मीद की जा रही थी कि यह रफ्तार कम से कम शुरुआती कुछ दिनों तक बिना किसी बड़ी रुकावट के लगातार आगे बढ़ती रहेगी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर आए ताजा आंकड़ों ने इन अनुमानों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है और फिल्म उद्योग के जानकारों के बीच इस बात पर लंबी बहस छिड़ गई है कि क्या यह फिल्म आने वाले दिनों में अपनी पकड़ बना पाएगी।
तेज गिरावट के बाद भी साठ करोड़ का आंकड़ा पार राजस्व में भारी कमी आने के बावजूद द पैराडाइज के लिए एक राहत की बात यह रही कि पहले दिन की मजबूत और आक्रामक शुरुआत के दम पर इसने कुल संचयी आंकड़ों में एक बड़ा मील का पत्थर पार करने में सफलता हासिल कर ली है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी कुल कमाई का आंकड़ा साठ करोड़ रुपये के जादुई और महत्वपूर्ण पड़ाव के पार पहुंचा दिया है, जो अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि शुरुआती ओपनिंग ने फिल्म को वह जरूरी और मजबूत कुशन प्रदान किया जिसकी बदौलत यह भारी गिरावट भी इसके कुल कारोबार को पूरी तरह से धराशायी नहीं कर सकी। भारतीय फिल्म बाजार में अमूल्य रूप से यह देखा जाता है कि जब कोई बड़ी फिल्म सिनेमाघरों में उतरती है, तो उसके निर्माताओं, निर्देशकों और कलाकारों से लेकर वितरकों तक सभी की निगाहें शुरुआती शुक्रवार और शनिवार के आंकड़ों पर टिकी होती हैं, और यदि किसी दिन फिल्म के कलेक्शन में पचास प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आती है, तो वह फिल्म आमतौर पर संकट में घिर जाती है, परंतु इस विशेष मामले में पहले दिन के विशालकाय कलेक्शन ने गिरते हुए ग्राफ को एक आवश्यक संबल प्रदान कर दिया और फिल्म को वित्तीय रूप से सुरक्षित दायरे में ला खड़ा किया।
आने वाले दिनों में फिल्म का भविष्य और चुनौतियां द पैराडाइज के सामने अब आने वाले सप्ताहांत में बॉक्स ऑफिस पर अपनी स्थिति को बनाए रखने और उसमें फिर से सुधार करने की एक बहुत बड़ी और कठिन चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि फिल्म उद्योग के विश्लेषकों का मानना है कि यदि गिरावट का यह सिलसिला लगातार जारी रहा तो आने वाले कामकाजी दिनों में थियेटर्स में दर्शकों की संख्या और अधिक घट सकती है। सिनेमाघरों में किसी भी फिल्म की सफलता केवल उसके शुरुआती दिनों के आंकड़ों पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि लंबे समय तक चलने के लिए उसका वर्ड ऑफ माउथ यानी मुंह-जुबानी प्रचार और दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया बहुत जरूरी होती है, और यही कारण है कि फिल्म से जुड़े तमाम लोग अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि आने वाले शनिवार और रविवार को दर्शक किस संख्या में सिनेमाघरों का रुख करते हैं। यदि आगामी दिनों में फिल्म अपनी खोई हुई रफ्तार को वापस पाने में कामयाब हो जाती है और दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहती है, तो यह साठ करोड़ के आंकड़े से आगे बढ़कर सौ करोड़ के क्लब की तरफ एक मजबूत कदम बढ़ा सकती है, अन्यथा इस शुरुआती झटके और बड़ी गिरावट के बाद इसके लिए बॉक्स ऑफिस पर लंबी रेस तय करना एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य साबित हो सकता है।