सिनेमाघरों में शुक्रवार को रिलीज हुई फिल्मों के शुरुआती कारोबार के आंकड़े सामने आ चुके हैं, जिससे पता चलता है कि कुणाल खेमू की फिल्म 'वाइब' ने बॉक्स ऑफिस पर करीना कपूर अभिनीत फिल्म 'दायरा' की तुलना में मजबूत शुरुआत हासिल की है। ट्रेड एनालिस्ट्स और शुरुआती बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों ही फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच अलग-अलग तरह का उत्साह देखने को मिल रहा है, लेकिन टिकट खिड़की पर कुणाल खेमू की फिल्म अपनी पकड़ मजबूत बनाने में सफल रही है। पहले दिन के ये आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि दर्शकों ने अपनी प्राथमिकता तय कर ली है और वीकेंड से पहले ही यह मुकाबला काफी दिलचस्प मोड़ पर आ पहुंचा है। फिल्म जगत में इस तरह के क्लैश अक्सर देखने को मिलते हैं जहां दो बड़े कलाकारों की फिल्में आमने-सामने होती हैं और सबकी निगाहें इस बात पर टिकी होती हैं कि कौन सी फिल्म लंबी रेस का घोड़ा साबित होगी।
इस बॉक्स ऑफिस भिड़ंत के पीछे दोनों कलाकारों की हालिया फिल्मों का जॉनर, उनकी स्टार पावर और सोशल मीडिया पर बनी हाइप का बड़ा हाथ माना जा रहा है। करीना कपूर ने भारतीय सिनेमा में लंबे समय तक अपनी अभिनय क्षमता के दम पर एक खास मुकाम हासिल किया है, और उनकी फिल्मों से दर्शकों की उम्मीदें हमेशा उच्च स्तर की रहती हैं। दूसरी ओर, कुणाल खेमू ने पिछले कुछ समय से अभिनय के साथ-साथ निर्देशन के क्षेत्र में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है और उनकी इस फिल्म की 'वाइब' ने युवा दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि आज के दौर में केवल बड़े नाम ही नहीं, बल्कि फिल्म का विषय और उसका प्रचार-प्रसार भी बॉक्स ऑफिस के नतीजों को तय करने में अहम भूमिका निभाता है। यही कारण है कि जब ये दोनों फिल्में एक ही समय पर सिनेमाघरों में उतरीं, तो उनके बीच शुरुआती बढ़त को लेकर कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
पहले दिन के इन आंकड़ों के सामने आने के बाद अब फिल्म निर्माताओं और ट्रेड पंडितों की नजरें शनिवार और रविवार यानी वीकेंड के कलेक्शन पर टिक गई हैं। यह देखना बेहद रोमांचक होगा कि क्या कुणाल खेमू की 'वाइब' अपनी इस शुरुआती बढ़त को आने वाले दिनों में भी बरकरार रख पाती है या फिर करीना कपूर की 'दायरा' वीकेंड की छुट्टियों का फायदा उठाकर मजबूत वापसी करने में कामयाब होती है। फिल्म उद्योग में यह आम बात है कि शुरुआती दिन के आंकड़े जहां शुरुआती रुझान तय करते हैं, वहीं माउथ पब्लिसिटी यानी दर्शकों की जुबानी प्रचार के बाद ही किसी फिल्म का असली भविष्य तय होता है। आने वाले दिनों में यह मुकाबला दोनों ही फिल्मों के लिए बॉक्स ऑफिस पर उनकी कुल कमाई और व्यावसायिक सफलता का पैमाना तय करेगा, जिससे यह भी साफ हो जाएगा कि दर्शकों का असली रुझान किस तरफ है।