पुरस्कार समारोह स्थलों में ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक महत्वपूर्ण बयान में स्पष्ट किया है कि प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह अब देश के सबसे बेहतरीन और खूबसूरत पर्यटन स्थलों पर आयोजित किए जाएंगे। अभी तक इस प्रकार के बड़े सांस्कृतिक और सिनेमाई आयोजन मुख्य रूप से देश की राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन या अन्य पारंपरिक परिसरों तक ही सीमित रहे हैं, लेकिन इस नई व्यवस्था के तहत अब इन्हें देश के विभिन्न हिस्सों के लोकप्रिय पर्यटन केंद्रों पर ले जाया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य भारतीय सिनेमा की पहुंच को और अधिक व्यापक बनाना तथा क्षेत्रीय स्तर पर सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देना है ताकि देश-विदेश के लोगों का ध्यान इन ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से समृद्ध स्थलों की ओर आकर्षित किया जा सके। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल कला जगत की हस्तियों को एक नया अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय आतिथ्य और पर्यटन उद्योगों को भी एक मजबूत प्रोत्साहन मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
संस्कृति और पर्यटन का अनूठा संगम स्थापित करने की पहल इस प्रकार की राष्ट्रीय स्तर की पहलों के पीछे मूल सोच यह होती है कि देश की कलात्मक धरोहर और भौगोलिक सुंदरता को एक मंच पर लाया जाए जिससे दोनों क्षेत्रों को एक साथ बढ़ावा मिल सके। भारत सरकार लंबे समय से ऐसे आयोजनों की रूपरेखा तैयार कर रही है जिससे देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, स्थानीय परंपराओं और पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिल सके। जब देश भर के जाने-माने फिल्मकार, अभिनेता, निर्देशक और तकनीशियन किसी विशेष पर्यटन स्थल पर एकत्र होते हैं, तो वहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक प्रतिष्ठा दोनों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की जाती है। ऐसे आयोजनों से न केवल उस क्षेत्र विशेष में रोजगार के नए अवसरों का सृजन होता है, बल्कि वहां के बुनियादी ढांचे के विकास पर भी प्रशासन का विशेष ध्यान केंद्रित होता है। इस नीति के तहत सरकार का प्रयास रहता है कि कला और संस्कृति के माध्यम से देश के हर कोने में पर्यटन की संभावनाओं को पूरी तरह से भुनाया जाए और लोगों को भारतीय विविधता के अलग-अलग पहलुओं से रूबरू कराया जाए।
सिनेमा जगत और पर्यटन उद्योग पर पड़ने वाले व्यापक प्रभाव सरकार की इस नई कार्ययोजना से आने वाले समय में फिल्म उद्योग और पर्यटन क्षेत्र के बीच का संबंध और अधिक प्रगाढ़ होने की पूरी संभावना है। जब राष्ट्रीय स्तर के इतने बड़े और प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह देश के विभिन्न पर्यटक गंतव्यों पर आयोजित होंगे, तो इससे न केवल घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश की एक बेहद सकारात्मक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध छवि पेश होगी। फिल्म निर्माताओं और कलाकारों ने भी सरकार की इस सोच की सराहना की है क्योंकि इससे उन्हें पारंपरिक और एकरंगी आयोजनों से हटकर एक नए और खुले माहौल में अपनी कला का जश्न मनाने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन और पर्यटन बोर्ड भी इस तरह के आयोजनों की मेजबानी करने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं ताकि आने वाले मेहमानों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की जा सकें और इस आयोजन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया जा सके।