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सिनेमा की दुनिया में बदलाव: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के नियमों में बड़े और ऐतिहासिक बदलावों का ऐलान

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के नियमों में समय के साथ आधुनिक बदलाव किए हैं।

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Kantap News डेस्क
10 अग 2026, 00:00
सिनेमा की दुनिया में बदलाव: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के नियमों में बड़े और ऐतिहासिक बदलावों का ऐलान

भारतीय सिनेमा जगत के सबसे प्रतिष्ठित और गरिमामयी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के संचालन और चयन प्रक्रिया में सरकार ने एक बड़े और ऐतिहासिक सुधार की घोषणा की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और फिल्म समारोह निदेशालय द्वारा गठित एक विशेष उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर पुरस्कार श्रेणियों और उनके नामों में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य समकालीन सिनेमा के बदलते स्वरूप और डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स (OTT) के बढ़ते प्रभाव को उचित प्रतिनिधित्व देना है। इन नए नियमों के तहत अब क्षेत्रीय सिनेमा, लघु फिल्मों और वृत्तचित्रों को भी मुख्यधारा के पुरस्कारों में अधिक समान और निष्पक्ष अवसर प्राप्त होंगे। फिल्म उद्योग से जुड़े तमाम दिग्गजों, निर्देशकों और कलाकारों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए इसे भारतीय सिनेमा के विकास में एक बेहद प्रगतिशील और दूरदर्शी निर्णय बताया है।

डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को मान्यता आज के दौर में जब मनोरंजन का एक बड़ा हिस्सा ओटीटी माध्यमों पर स्थानांतरित हो चुका है, नए नियमों में स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि जो फिल्में सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होती हैं और जिनके पास पर्याप्त दर्शक वर्ग व कलात्मक उत्कृष्टता है, वे भी राष्ट्रीय पुरस्कारों के विभिन्न वर्गों के लिए आधिकारिक रूप से पात्र होंगी। इससे देश भर के स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं और युवा निर्देशकों को एक बहुत बड़ा मंच मिलेगा जो पारंपरिक थियेटर रिलीज के बजट और वितरकों की सीमाओं में बंधे हुए थे। इसके साथ ही, तकनीकी श्रेणियों जैसे कि वीएफएक्स, साउंड डिजाइन और एनिमेशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कलाकारों को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार राशि और श्रेणियों के दायरे को भी काफी हद तक विस्तारित किया गया है।

पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया में सुधार पुरस्कारों के चयन के लिए जूरी के गठन और मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया को अब पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल बना दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार के पक्षपात या विवाद की गुंजाइश को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिष्ठित फिल्म समीक्षकों और कलाकारों को जूरी सदस्यों के रूप में शामिल करने के लिए एक नई रोटेशन नीति लागू की गई है। मंत्रालय का मानना है कि इन सुधारों से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की गरिमा और विश्वसनीयता वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत होगी, तथा भारतीय सिनेमा अपनी अनूठी कहानियों के साथ दुनिया भर में नए कीर्तिमान स्थापित करने में सक्षम बनेगा।

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