देश के वित्तीय बाजारों और उद्योग जगत के लिए एक बहुत ही उत्साहजनक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर आठ प्रतिशत से ऊपर रहने की संभावना जताई गई है। प्रमुख वित्तीय संस्थानों और रेटिंग एजेंसियों के अर्थशास्त्रियों ने विनिर्माण क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन और ग्रामीण मांग में आए सुधार को इस तेज वृद्धि का मुख्य कारण बताया है।