कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      जोहरान ममदानी को RSS का करारा जवाब, X अकाउंट भी बहाल, मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा पर बड़ा अपडेट      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      कौन थे अंकित बालियान जिनकी शामली में जिम के बाहर हुई हत्या      पेंगुइन का सोनिया गांधी की किताब छापने से इनकार, सामने आया कारण      दिल्ली में ISI के जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश... स्पेशल सेल ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार, पाकिस्तान भेजते थे भारतीय SIM कार्ड     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
फाइनेंस

टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत: सरकार द्वारा अघोषित विदेशी संपत्तियों के लिए लाई गई नई टैक्स माफी योजना

कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और काले धन पर नकेल कसने के उद्देश्य से सरकार ने अघोषित विदेशी संपत्तियों के धारकों के लिए एक नई टैक्स एमनेस्टी योजना की घोषणा की है।

X
Kantap News डेस्क
17 अग 2026, 17:48
टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत: सरकार द्वारा अघोषित विदेशी संपत्तियों के लिए लाई गई नई टैक्स माफी योजना
भारतीय वित्तीय और कर ढांचे में सुधार की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अघोषित विदेशी संपत्तियों और परिसंपत्तियों से जुड़े मामलों के लिए एक विशेष कर माफी यानी एमनेस्टी स्कीम का प्रस्ताव पेश किया है। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य उन करदाताओं को एक तयशुदा कानूनी रास्ता देना है जिन्होंने अनजाने में या किन्हीं अन्य कारणों से अपनी विदेशी कमाई और संपत्तियों का पूरा विवरण भारतीय कर अधिकारियों के सामने उजागर नहीं किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना के जरिए सरकार देश के बाहर छिपी हुई पूंजी को मुख्य आर्थिक धारा में वापस लाने का प्रयास कर रही है, जिससे राजस्व संग्रह में भी इजाफा होने की पूरी उम्मीद है।

योजना की मुख्य शर्तें और प्रक्रिया

इस नई टैक्स एमनेस्टी योजना के तहत करदाताओं को एक निश्चित समय सीमा के भीतर अपनी सभी छिपी हुई विदेशी संपत्तियों का पूरा ब्योरा स्वेच्छा से घोषित करना होगा। इसके बाद उन्हें एक तय मामूली कर और जुर्माना अदा करके लंबी कानूनी लड़ाइयों और भारीमुआवजे के जोखिम से मुक्ति मिल जाएगी। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो अपने पुराने वित्तीय मामलों को पूरी तरह साफ करना चाहते हैं। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति इस निर्धारित अवधि के भीतर अपनी संपत्तियों की जानकारी देने में असफल रहता है, तो उसके खिलाफ मौजूदा कड़े कानूनों के तहत अत्यंत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आर्थिक और विधिक प्रभाव

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक औपचारिक और पारदर्शी बनाने में काफी मददगार साबित होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के बीच भारत का यह कदम वैश्विक वित्तीय मानकों के अनुकूल माना जा रहा है। कर सलाहकारों का मानना है कि इस योजना से बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को राहत मिलेगी जो अपनी विदेशी संपत्तियों को वैध बनाना चाहते थे लेकिन कानूनी पेचीदगियों से डरते थे। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से न केवल घरेलू कर का दायरा बढ़ेगा बल्कि देश की वित्तीय प्रणाली में वैश्विक निवेश का भरोसा भी और अधिक मजबूत होगा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज