शेयर बाजार में गिरावट का रुख
कारोबारी सप्ताह के प्रथम दिन भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से प्राप्त कमजोर रुझानों के कारण घरेलू निवेशकों ने बिकवाली की। नतीजतन मुंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 269.07 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 72,854.76 पर बंद हुआ। इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 99.75 अंक टूटकर 22,500.25 के स्तर पर आ गया। बाजार की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नुकसान उठाने वाले शेयरों की तादाद बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों से लगभग दोगुनी रही। पूरे सत्र के दौरान मात्र 877 कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखी गई जबकि 1,794 शेयरों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं 202 कंपनियों के शेयरों में किसी भी तरह का कोई उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला और वे बिना बदलाव के कारोबार करते रहे।
सेक्टरवार दबाव और उतार-चढ़ाव
बाजार में बिकवाली का व्यापक प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों पर साफ तौर पर नजर आया है। विशेष रूप से आईटी सेक्टर पर भारी दबाव देखा गया, जिससे निफ्टी आईटी सूचकांक 1.59 प्रतिशत गिरकर 31,486.50 के स्तर तक पहुंच गया। अन्य क्षेत्रों में भी सुस्ती का दौर रहा जिसमें निफ्टी पीएसयू बैंक 0.96 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स 0.61 प्रतिशत नीचे लुढ़के। साथ ही निफ्टी बैंक, मेटल, रियल्टी, एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। व्यक्तिगत शेयरों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो कोटक महिंद्रा बैंक ने शानदार मजबूती दिखाई और यह 2.82 प्रतिशत बढ़कर 442.65 के भाव पर बंद हुआ, जो आज का टॉप गेनर रहा। इसके अलावा रेड्डीज, जेएसडब्ल्यू स्टील, सिप्ला, सन फार्मा और मारुति सुजुकी के शेयरों में भी तेजी रही। दूसरी ओर, श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में सर्वाधिक 5.10 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई।
बड़े शेयरों पर निवेशकों का रुख
बाजार की समग्र स्थिति काफी मिली-जुली रही क्योंकि कुछ बैंकिंग और फार्मा शेयरों ने इंडेक्स को सहारा देने का प्रयास किया। इसके विपरीत इन्फोसिस और बजाज फाइनेंस जैसे बड़े शेयरों ने सूचकांक को नीचे खींचने का काम किया। इन्फोसिस में 1.82 प्रतिशत और बजाज फाइनेंस में 1.78 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। बिकवाली का शिकार होने वाली अन्य प्रमुख कंपनियों में एशियन पेंट्स, टाइटन, एचडीएफसी लाइफ, हिंडाल्को और एसबीआई लाइफ शामिल हैं, जिनमें निवेशकों ने लगातार बिकवाली जारी रखी। बाजार में बिकवाली का दबाव इतना गहरा था कि लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों ने नकारात्मक रुख दिखाया। हालांकि, कोटक महिंद्रा बैंक के साथ-साथ जेएसडब्ल्यू स्टील और सन फार्मा के प्रदर्शन ने निवेशकों को कुछ हद तक राहत प्रदान की। फिलहाल, बाजार विश्लेषक इस गिरावट को वैश्विक संकेतों के असर के रूप में देख रहे हैं और आने वाले दिनों में बाजार की चाल इन्हीं अंतरराष्ट्रीय रुझानों पर निर्भर करेगी।