अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का भंडाफोड़ उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का संचालन करने वाले शातिर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के दौरान कुल सोलह व्यक्तियों को दबोचा गया है जो अपनी अवैध गतिविधियों के जरिए सीधे तौर पर विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहे थे। ये लोग फोन कॉल के माध्यम से अपनी बातचीत की शुरुआत अंग्रेजी में करते थे और खुद को प्रतिष्ठित सेवा प्रदाता के रूप में पेश करके सामने वाले को विश्वास में लेते थे। बातचीत का लहजा ऐसा रखा जाता था कि विदेशी नागरिक आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे और इनके द्वारा बताए गए खातों में अपनी गाढ़ी कमाई ट्रांसफर कर देते थे। इस तरह के मामलों में तकनीकी उपकरणों और फर्जी दस्तावेजों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था, जिन्हें पुलिस ने छापेमारी के दौरान अपने कब्जे में ले लिया है।
विदेशियों को फंसाने का खतरनाक तरीका इस संगठित अपराध नेटवर्क की कार्यप्रणाली बेहद सुनियोजित थी, जिसमें आरोपियों द्वारा विशेष प्रकार के स्क्रिप्ट और विदेशी नंबरों का उपयोग किया जाता था। कॉलिंग के दौरान वे अंग्रेजी में शिष्टाचार भरे वाक्य बोलते हुए सामने वाले का विश्वास जीतते थे और तकनीकी सहायता या वित्तीय लाभ का झांसा देते थे। वैश्वीकरण और डिजिटल माध्यमों के दौर में इस तरह के साइबर अपराधों का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जहाँ अपराधी सीमाओं के पार बैठकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इस प्रकार की अवैध गतिविधियों से देश की छवि को भी नुकसान पहुंचता है क्योंकि साइबर ठग तकनीकी का दुरुपयोग करके अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को चकमा देने का प्रयास करते हैं। सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस विभाग इस तरह के संगठित नेटवर्कों की जड़ों तक पहुंचने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करती हैं ताकि डिजिटल स्पेस को सुरक्षित रखा जा सके और इस तरह के अवैध धंधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच पकड़े गए सभी सोलह आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों और मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है। इस मामले में बरामद किए गए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इस गिरोह ने अब तक कुल कितने लोगों को ठगा है और कितनी रकम विदेश भेजी गई है। ऐसे मामलों में वित्तीय लेन-देन के स्रोतों का पता लगाने के लिए बैंक खातों की गहन छानबीन की जाती है और विदेशी एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जाता है। स्थानीय पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि इस अवैधकॉल सेंटर को संचालित करने के लिए किस प्रकार के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल किया जा रहा था। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि जांच का दायरा लगातार विस्तृत होता जा रहा है और कई अन्य संदिग्धों के नाम सामने आ रहे हैं।