अपराधियों की निगरानी बैठक
शनिवार के दिन पुलिस विभाग के भीतर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया था जिसमें कानून व्यवस्था की स्थिति पर गहराई से चर्चा की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने खुद संभाली थी। बैठक के दौरान शहर के विभिन्न थानों के प्रभारी अधिकारी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्य रूप से आपराधिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के तौर तरीकों की समीक्षा की गई। पुलिस कमिश्नर ने बैठक में मौजूद सभी थाना प्रभारियों को उनके इलाकों में सक्रिय रहने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में समझाया कि अपराधियों पर शिकंजा कसना हर हाल में पुलिस की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में उन तमाम बिंदुओं पर विस्तार से बात की गई जहां पुलिस की कार्यप्रणाली में कमी पाई जा रही थी। इस तरह की बैठकों का मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करना होता है ताकि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार लाने के लिए भी कहा गया है।
लापरवाही पर अधिकारियों की खिंचाई
बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने सूचीबद्ध और आदतन अपराधियों पर नकेल कसने में हो रही ढिलाई पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों की जमकर खिंचाई की और अपनी नाराजगी को बिल्कुल भी नहीं छिपाया। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि अपराधियों की सूची तैयार करने के बाद उनकी नियमित निगरानी करना उनका मुख्य कर्तव्य है। यदि निगरानी के दौरान किसी भी स्तर पर कोई कोताही पाई जाती है तो उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कमिश्नर ने कड़े तेवर दिखाते हुए यह भी कहा कि पुलिस महकमे के भीतर अनुशासनहीनता या सुस्ती के लिए कोई जगह नहीं है। हर एक अधिकारी को अपने अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर अपराधियों की हरकतों पर लगातार नजर रखनी होगी। इस प्रकार की सुस्ती सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने के बराबर मानी जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को यह चेतावनी दी गई है कि वे अपने मातहत कर्मियों से भी मुस्तैदी के साथ काम करवाएं। आला अधिकारियों द्वारा इस तरह की सख्त रुख अपनाने से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और सभी लोग अब अपनी कार्यप्रणाली को सुधारने में जुट गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की डांट या कार्रवाई से बचा जा सके।
दूसरे इलाके में अपराध पर जिम्मेदारी
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बैठक के दौरान एक बेहद कड़ा और स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी थाने का कोई सूचीबद्ध बदमाश किसी दूसरे इलाके में जाकर अपराध को अंजाम देता है तो इसके लिए मूल थाने का प्रभारी भी बराबर का जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराधियों का अपनी सीमा से बाहर जाकर वारदातों को अंजाम देना यह साबित करता है कि स्थानीय पुलिस उनकी गतिविधियों पर पूरी तरह से नजर रखने में नाकाम रही है। इस प्रकार की चूक को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित थाने के मुखिया पर सीधी कार्रवाई की गाज गिरेगी। कमिश्नर के इस निर्देश से अब सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र के बदमाशों की कुंडली खंगालने के साथ साथ उनकी अन्य क्षेत्रों में आवाजाही पर भी पैनी नजर रखनी होगी। यह कदम शहर में संगठित अपराधों पर लगाम कसने के उद्देश्य से उठाया गया है ताकि अपराधी एक जगह से दूसरी जगह जाकर आसानी से कानून को चकमा न दे सकें। इस पूरी व्यवस्था से अब पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही काफी हद तक बढ़ गई है और उन्हें अपने इलाके की हर एक आपराधिक गतिविधि के प्रति बेहद सतर्क रहना पड़ेगा। आने वाले दिनों में इस नियम के कड़ाई से पालन होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है जिससे शहर में अमन चैन और कानून का राज स्थापित रखने में काफी मदद मिलेगी।