बाराबंकी में दंपती पर हमला और प्राथमिकी दर्ज उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के अंतर्गत आने वाले स्थानीय क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है जहाँ कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एक गर्भवती महिला तथा उसके पति को निशाना बनाते हुए उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया और मारपीट की गई। इस अप्रत्याशित और हिंसक घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है क्योंकि एक गर्भवती महिला के साथ इस तरह की मारपीट करना कानूनन और सामाजिक दोनों ही दृष्टियों से अत्यंत निंदनीय कृत्य है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस थाना सक्रिय हो गया और पीड़िता के पति द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर नामजद तथा अन्य अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में औपचारिक रूप से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाया जा सके और उन्हें उनके कृत्यों की उचित सजा मिल सके।
पारिवारिक विवाद और आपराधिक मामलों की पृष्ठभूमि इस प्रकार के आपराधिक मामले अक्सर आपसी रंजिश, पुरानी जमीनी विवाद या फिर छोटी-मोटी कहासुनी के बाद उग्र रूप धारण करने के कारण सामने आते हैं जहाँ लोग कानून को अपने हाथ में लेने से नहीं हिचकिचाते हैं। भारतीय समाज और विशेषकर ग्रामीण तथा अर्ध-नगरीय क्षेत्रों में इस तरह की हिंसा सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती है और कानून व्यवस्था के समक्ष एक बड़ी चुनौती खड़ी करती है। जब किसी परिवार में एक महिला गर्भ से होती है, तो उस दौरान उसे विशेष शारीरिक और मानसिक देखभाल की आवश्यकता होती है, ऐसे संवेदनशील समय में उस पर हमला किया जाना मानवता को भी शर्मसार करने वाला होता है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ऐसे मामलों में शुरुआती दौर में ही सख्त रुख अपनाते हैं ताकि अपराधियों के मन में कानून का डर बना रहे और इस प्रकार की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। इस घटना के पीछे के सटीक कारणों की तह तक जाने के लिए पुलिस द्वारा गहनता से छानबीन की जा रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ करके साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई मुकदमा दर्ज होने के पश्चात अब पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि सभी नामजद आरोपियों को शीघ्र अतिशीघ्र गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ ठोस सबूत अदालत में पेश किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह के अपराध करने की कोई हिम्मत न जुटा सके। इस मामले में पुलिस की कई टीमों का गठन करके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है ताकि कोई भी आरोपी कानून की गिरफ्त से बच न सके। इसके अतिरिक्त, घायल गर्भवती महिला और उसके पति को स्थानीय सरकारी अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण और उपचार के लिए भेजा गया है जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है ताकि उनकी सेहत को लेकर कोई जोखिम न रहे। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों ने भी इस घटना की तीव्र भर्त्सना की है और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ इतनी कड़ी कार्रवाई की जाए जो समाज में एक कड़ा संदेश दे सके।