पंडालों के आसपास सख्ती से जागरूकता
थाना प्रभारी गौरव कुमार वर्मा के नेतृत्व में राजघाट पुलिस ने दुर्गा पूजा के अवसर पर एक महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया है। स्थानीय पूजा समितियों और डीजे संचालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वे सरकारी गाइडलाइन और अदालत के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें। इस अभियान के तहत पंडालों के आसपास विभिन्न स्थानों पर जागरूकता पोस्टर चस्पा किए गए हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और आम जनता को होने वाली परेशानियों से बचाना है। गौरव कुमार वर्मा ने बताया है कि प्रशासन द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार ही लाउडस्पीकर की आवाज रखी जानी चाहिए। इन पोस्टरों के माध्यम से आयोजकों को समय सीमा और आवाज की तीव्रता से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी दी गई है। यह कदम क्षेत्र में शांतिपूर्ण और नियमबद्ध तरीके से पूजा संपन्न कराने के लिए उठाया गया है, ताकि कोई भी कानून का उल्लंघन न कर सके।
नियमों के उल्लंघन पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया, तो कड़ी कार्रवाई निश्चित है। डीजे संचालकों और पूजा समितियों को चेतावनी दी गई है कि वे निर्धारित समय के बाद लाउडस्पीकर का उपयोग न करें। इसके अलावा, तय सीमा से अधिक आवाज में संगीत बजाना या अश्लील गानों का प्रसारण करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी इन निर्देशों की अनदेखी करता है, तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। तेज आवाज वाले डीजे के कारण बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। राजघाट पुलिस ने पूर्व में भी तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस का यह रुख स्पष्ट है कि त्योहार की आड़ में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नियमों की धज्जियां उड़ाने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और उद्देश्य
दुर्गा पूजा के दौरान ध्वनि प्रदूषण को कम करना राजघाट पुलिस की प्राथमिकता में शामिल है। तेज डीजे की कानफोड़ आवाज से बीमार लोगों, वृद्धों और मासूम बच्चों को होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखकर यह सख्त रुख अपनाया गया है। कोर्ट के निर्देशों और सरकारी गाइडलाइंस के अनुरूप लाउडस्पीकर का प्रबंधन करना अब हर पूजा समिति की अनिवार्य जिम्मेदारी बन गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अश्लील गीतों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी और ऐसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह पहल क्षेत्र में एक सुरक्षित और मर्यादित माहौल सुनिश्चित करने के लिए की गई है। स्थानीय निवासी इस कदम का स्वागत कर रहे हैं क्योंकि इससे त्योहार के दौरान होने वाले अनावश्यक शोर पर रोक लग सकेगी। राजघाट पुलिस लगातार निगरानी करेगी ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके और कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। त्योहार के दौरान सार्वजनिक शांति बनाए रखना पुलिस का मुख्य लक्ष्य है और सभी संचालकों को इन निर्देशों को गंभीरता से लेने के लिए कहा गया है।