मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में लगी गोली
गोरखपुर जिले के बेलीपार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कसिहार बंधे के पास गुरुवार की सुबह पुलिस और बदमाशों के बीच आमना-सामना हुआ। वाराणसी हाईवे पर पच्चीस अक्टूबर को एक महिला को मोटरसाइकिल से नीचे गिराकर उसकी हत्या करने के मुख्य आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया है। पकड़े गए संदिग्ध ने पुलिस दल को देखते ही गोलियां चलानी शुरू कर दीं और वहां से भागने की कोशिश करने लगा। आत्मरक्षा में पुलिस की तरफ से चलाई गई जवाबी कार्रवाई में उस बदमाश के दाहिने पैर में गोली जा लगी। गोली लगते ही वह शख्स जमीन पर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे तुरंत काबू में कर लिया। उसके साथ मौजूद दूसरा व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने पकड़े गए शख्स के पास से एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया है। घायल होने के बाद उस बदमाश को तुरंत कौड़ीराम स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। पुलिस की पूछताछ में घायल बदमाश की पहचान रवि निषाद के रूप में पक्की हो चुकी है जो बेलीपार इलाके के चंदौली बुजुर्ग गांव का रहने वाला है।
संयुक्त पुलिस टीमों ने की थी बदमाशों की घेराबंदी
दक्षिण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक दिनेश पुरी ने इस पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर से खास सूचना मिली थी। इस गुप्त सूचना के आधार पर बेलीपार थाने की टीम ने एसओजी, स्वाट, सर्विलांस और एंटी थेफ्ट यूनिट के साथ मिलकर संयुक्त रूप से योजना बनाई थी। सभी टीमों ने मिलकर इलाके की सख्त घेराबंदी की थी ताकि आरोपियों को पकड़ा जा सके। भोर के समय जब पुलिसकर्मी सतर्क थे तब वही आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां से गुजरते हुए दिखाई दिए। पुलिस बल ने उन्हें रुकने और बिना शर्त आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। लेकिन उन्होंने कानून के आगे झुकने के बजाय पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी और भागने का रास्ता खोजने लगे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल होकर नीचे गिर गया जबकि उसका साथी अंधेरे की आड़ लेकर वहां से भाग निकला। पुलिस विभाग के अभिलेखों की जांच करने पर पता चला कि रवि निषाद के खिलाफ अकेले बेलीपार थाने में ही पहले से कुल चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों ने जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपने फरार साथी का पूरा विवरण साझा किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसका वह दूसरा साथी चंदौली गांव का रहने वाला लालू उर्फ कृष्णा है जो छोटेलाल निषाद का बेटा है। ये दोनों आरोपी मिलकर पेंट और पॉलिश का काम किया करते थे और इसी पेशे से जुड़े हुए थे।
पति के साथ लौट रही महिला को दिया था धक्का
यह पूरा मामला शनिवार की रात का है जब मलांव गांव निवासी संतोष पांडेय अपनी चौवन साल की पत्नी मीरा पांडेय के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर गोरखपुर से अपने गांव वापस लौट रहे थे। जब उनकी बाइक भरवल क्षेत्र से थोड़ा आगे पहुंची तभी पीछे से दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो अज्ञात लोग उनके पास आ गए। आरोप है कि उन दोनों बाइक सवारों ने चलते वाहन के पास आकर उनकी पत्नी को जोरदार धक्का मार दिया। इस अचानक हुए धक्के की वजह से मीरा पांडेय सड़क पर असंतुलित होकर नीचे गिर पड़ीं और उन्हें बहुत गंभीर चोटें आईं। इस दुर्घटना के बाद संतोष ने तुरंत अपने चचेरे भाई को फोन करके इस दर्दनाक हादसे की पूरी जानकारी दी। परिवार के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मीरा को लेकर जिला अस्पताल भागे जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पति संतोष की लिखित तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने दोनों अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। इस घटना के सामने आने के बाद से मृतका मीरा पांडेय के परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है और सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके परिवार में तीन बेटियां हैं जिनमें से दो बेटियों का विवाह पहले ही हो चुका है जबकि सबसे छोटी बेटी वर्तमान में गुरुग्राम में रहकर अपना जीवन बिता रही है।