वाराणसी कोर्ट का सख्त आदेश
वाराणसी की एक स्थानीय अदालत ने कोडीन कफ सिरप घोटाले में आरोपी वैशाली जायसवाल उर्फ वैशाली पोसवानी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पुलिस ने अपनी जांच के दौरान पाया कि इस अवैध व्यापार से अर्जित धन का इस्तेमाल वैशाली के नाम पर विभिन्न संपत्तियां खरीदने और शराब के ठेके खोलने में किया गया था। वैशाली और उसका पति शुभम जायसवाल बीते दस माह से अधिक समय से फरार हैं। पुलिस ने अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए वारंट की मांग की थी जिसके बाद यह निर्देश पारित किया गया। वर्तमान में पुलिस टीम वैशाली को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और कोर्ट के इस नए आदेश के बाद तलाश की मुहिम में और अधिक तेजी लाई गई है। उसके आवास और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जांच अधिकारी यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े सभी व्यक्तियों को कानूनी दायरे में लाया जाए।
संपत्तियों और शराब ठेकों की जांच
पुलिस की व्यापक जांच में यह साफ हुआ है कि कोडीन कफ सिरप माफिया शुभम जायसवाल ने अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा अपनी पत्नी के नाम पर निवेश किया था। कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने बताया कि शुभम के फरार होने के बाद वैशाली भी भूमिगत हो गई है। पुलिस ने उसके जगतगंज स्थित आवास पर जाकर पूछताछ शुरू की है और उसके रिश्तेदारों एवं करीबी सहयोगियों पर भी नजर रखी जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वाराणसी पुलिस ने विशेष दल तैनात किए हैं जो विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस अब उन सभी संपत्तियों का विवरण जुटा रही है जो इस सिंडिकेट के माध्यम से बनाई गई थीं। इन संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया को अब तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि वे इस आपराधिक गिरोह के हर सदस्य तक पहुंचेंगे और किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
भगोड़ा घोषित शुभम की तलाश
मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल, जो प्रह्लादघाट के कायस्थ टोला का निवासी है, नवंबर 2025 से ही पुलिस की पकड़ से दूर है। उसे वाराणसी पुलिस द्वारा आधिकारिक रूप से भगोड़ा घोषित किया जा चुका है और उसके ऊपर 50 हजार रुपये का नकद इनाम भी रखा गया है। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है और अब इंटरपोल की मदद भी ली जा रही है। इससे पहले पुलिस ने शुभम के पिता भोला जायसवाल को कोलकाता हवाई अड्डे से दबोचा था। अब वाराणसी और सोनभद्र की पुलिस टीमें मिलकर इस गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही हैं। SIT मामले में जब्त की जाने वाली संपत्तियों की सूची तैयार कर रही है। कानून की यह प्रक्रिया अब वैशाली के खिलाफ जारी वारंट के बाद और अधिक गंभीर हो गई है। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य इस ड्रग सिंडिकेट की आर्थिक जड़ों को पूरी तरह से समाप्त करना है।