रायबरेली में पुलिस की विशेष छानबीन
लापता मॉडल श्रद्धा का सुराग लगाने के लिए पुलिस महकमे ने अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले का रुख किया है। पुलिस अधिकारियों की एक विशेष टीम मॉडल की तलाश के सिलसिले में सीधे रायबरेली पहुंची। इस दौरान पुलिस दल ने वहां पहुंचकर कई अहम ठिकानों पर दबिश दी और स्थानीय स्तर पर सुराग जुटाने की कोशिश की। इस खोजबीन का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि मॉडल श्रद्धा किन परिस्थितियों में गायब हुई और उसका वर्तमान ठिकाना कहां हो सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है। टीम के सदस्यों ने रायबरेली पहुंचकर स्थानीय लोगों से भी इस बारे में गुप्त रूप से बातचीत की है ताकि कोई ठोस जानकारी मिल सके। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी पहलू को अनछुआ नहीं छोड़ा जाएगा। हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द इस रहस्य से पर्दा उठाया जा सके और लापता मॉडल का सही सुराग प्राप्त किया जा सके। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस पूरी तरह से सतर्क नजर आई और मीडिया से दूरी बनाए रखी।
पिता और सौतेली मां से डेढ़ घंटे पूछताछ
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम ने रायबरेली में मॉडल श्रद्धा के पिता और उनकी सौतेली मां से आमने-सामने बैठकर लंबी पूछताछ की है। यह पूछताछ लगभग डेढ़ घंटे तक लगातार चली जिसमें पुलिस ने परिवार वालों से कई तीखे और महत्वपूर्ण सवाल पूछे। अधिकारियों ने पिता और सौतेली मां से श्रद्धा के दैनिक जीवन, उसके संपर्कों, दोस्तों और हालिया गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की। पुलिस यह जानना चाहती थी कि मॉडल का अपने परिवार के साथ किस तरह का रिश्ता था और क्या पिछले कुछ दिनों में घर पर किसी बात को लेकर कोई विवाद हुआ था। पूछताछ के दौरान दोनों से अलग-अलग और साथ में भी कई जानकारियां ली गईं ताकि बयानों में किसी तरह का विरोधाभास न रहे। परिवार के सदस्यों ने पुलिस को क्या बताया और उनके जवाबों से क्या नए तथ्य सामने आए हैं, इस बारे में अभी आधिकारिक रूप से ज्यादा खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह बातचीत मामले की गुत्थी सुलझाने में बेहद मददगार साबित हो सकती है। पुलिस अब इन बयानों का मिलान अन्य तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर कर रही है ताकि सच्चाई तक पहुंचा जा सके।
अपराध जांच और पुलिस कार्रवाई की पृष्ठभूमि
इस तरह के लापता होने के मामलों में पुलिस की प्रारंभिक जांच अक्सर परिवार के बयानों और तकनीकी सर्विलांस पर आधारित होती है। जब भी इस प्रकार की कोई गंभीर घटना सामने आती है, तो कानून प्रवर्तन एजेंसियां सबसे पहले परिजनों से पूछताछ करती हैं ताकि शुरुआती सुराग मिल सकें। भारतीय कानून व्यवस्था के तहत किसी भी व्यक्ति के अचानक गायब होने पर अपहरण या अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की जाती है। पुलिस की यह जिम्मेदारी होती है कि वह बिना किसी देरी के हर संभावित एंगल से मामले की गहराई से छानबीन करे। इस प्रक्रिया में मोबाइल फोन की लोकेशन, बैंक खाते के लेन-देन और अंतिम बार देखे गए स्थान के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जाता है। रायबरेली और लखनऊ के बीच की इस कड़ी को जोड़ने के लिए पुलिस लगातार तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ले रही है। इस प्रकार की पुलिस कार्रवाई से समाज में यह संदेश जाता है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एजेंसियां कितनी तत्परता से काम कर रही हैं। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही तय की जाएगी।