अपराध नियंत्रण और मामलों के निष्पादन की समीक्षा
कोडरमा जिले में अपराध की स्थिति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशिष ने इस उच्चस्तरीय गोष्ठी की अध्यक्षता की जो पुलिस कार्यालय के सभागार में संपन्न हुई। इस दौरान जिले के तमाम पुलिस उपाधीक्षक, अंचल निरीक्षक, विभिन्न थानों तथा ओपी के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य रूप से पिछले महीने के दौरान जिले में हुई आपराधिक घटनाओं और लंबित मामलों के अनुसंधान कार्यों का मूल्यांकन किया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सितंबर महीने के दौरान कुल 113 नए मामले दर्ज किए गए थे। इसके विपरीत पुलिस ने इसी समयावधि में कुल 156 मामलों का सफल निष्पादन किया। यदि इन आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए तो यह स्पष्ट होता है कि पुलिस ने दर्ज मुकदमों की तुलना में लगभग 138 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया। इनमें 58 विशेष और 55 अविशेष कांड दर्ज किए गए थे जबकि 86 विशेष और 70 अविशेष मामलों का निष्पादन किया गया। बेहतर कार्यशैली का परिचय देते हुए 150 प्रतिशत से अधिक मामलों का सफल निष्पादन करने वाले थाना प्रभारियों को पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया ताकि उनका मनोबल ऊंचा बना रहे और वे इसी तरह मुस्तैदी से अपना कार्य करते रहें।
गिरफ्तारी और मादक पदार्थों पर कड़ा रुख
जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तेज कर दी है। विभिन्न आपराधिक वारदातों में संलिप्त कुल 64 अभियुक्तों को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अवैध शराब का कारोबार करने वालों के साथ साथ अफीम और गांजा जैसे मादक पदार्थों की तस्करी में जुटे लोगों की पहचान करें। ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाते हुए बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। अधिकारियों का मानना है कि नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन चुका है। इस तरह के गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा चोरी, वाहन चोरी और गृहभेदन जैसी घटनाओं की भी गहनता से समीक्षा की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले महीनों की तुलना में इन आपराधिक वारदातों में कमी दर्ज की गई है। हालांकि अपराध पर पूरी तरह से अंकुश लगाने और अपराधियों के मन में कानून का खौफ बनाए रखने के लिए लगातार और प्रभावी कार्रवाई जारी रखना बेहद जरूरी है ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।
गश्त बढ़ाने और आगामी त्योहारों की तैयारी के निर्देश
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस बल को पूरी तरह सक्रिय रहने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। गश्ती वाहनों के साथ साथ पैंथर जवानों और पीसीआर वाहनों को अपने अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमण करने को कहा गया है। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए सघन एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चलाने पर भी विशेष जोर दिया गया। आदतन अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ सीसीए जैसी निरोधात्मक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आम जनता की भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक सप्ताह अंचलाधिकारी के साथ समन्वय बनाकर थाना दिवस आयोजित करने को कहा गया है। थाना परिसर में आने वाले फरियादियों के साथ विनम्र व्यवहार करने, उनकी शिकायतों को पूरी गंभीरता से सुनने और विधिसम्मत कार्रवाई करने की सख्त हिदायत दी गई है। आगामी दुर्गापूजा के त्योहार को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी थाना और ओपी प्रभारियों को अतिरिक्त गश्ती दल तैनात करने, बाइक पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा शक्ति स्क्वॉड की तैनाती सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। पूजा के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं ताकि सभी लोग बिना किसी भय के शांतिपूर्ण माहौल में अपना त्योहार मना सकें।