जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव ने की विशेष बैठक
दरभंगा जिला अंतर्गत आने वाले लहेरियासराय क्षेत्र में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत, विशेष लोक अदालत तथा मध्यस्थता अभियान के सफल संचालन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह प्रशासनिक एवं न्यायिक बैठक शुक्रवार के रोज संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने मुख्य रूप से की। इस बैठक में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और चर्चा में सक्रिय हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को गति प्रदान करना और पेंडिंग मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना था। सचिव आरती कुमारी ने सभी उपस्थित अधिकारियों को अदालती अभियानों की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर चल रहे प्रशासनिक कार्यों की भी समीक्षा की ताकि आम जनता को न्याय प्रणाली का पूरा लाभ मिल सके। इस प्रकार की बैठकों से प्रशासनिक तालमेल बेहतर होता है और न्यायिक कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होती है। अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया गया ताकि आने वाले आयोजनों को पूरी तरह से सफल बनाया जा सके और अधिक से अधिक मुकदमों का समाधान किया जा सके।
एनआई एक्ट और चेक बाउंस के मामलों पर रहेगा विशेष फोकस
आगामी न्यायिक आयोजनों की श्रृंखला में एक विशेष तिथि का निर्धारण किया गया है जो वादों के निस्तारण में मील का पत्थर साबित होगी। आगामी 21 नवंबर के दिन एनआई एक्ट यानी परक्राम्य विलेख अधिनियम से जुड़े हुए मुकदमों का निबटारा किया जाएगा। इन सभी मामलों का निपटारा आपसी सुलह-समझौते के मजबूत आधार पर किया जाना तय हुआ है। इसके लिए वित्तीय धोखाधड़ी और चेक बाउंस से जुड़े मामलों की एक विशेष सूची तैयार की जा रही है। ऐसे चिन्हित चेक बाउंस मामलों से जुड़े सभी पक्षकारों को आधिकारिक रूप से नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नोटिस मिलने के बाद संबंधित पक्षकार नियत तिथि पर उपस्थित होकर अपने मामलों को सुलझा सकेंगे। मध्यस्थता अभियान के जरिए भी कई विवादों को आपसी बातचीत से खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। सचिव आरती कुमारी ने बैठक के दौरान इन सभी कानूनी प्रावधानों और प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे समय रहते सभी नोटिस तामील करवाएं ताकि कोई भी पक्षकार छूट न जाए। इस व्यवस्था से अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम होगा और लोगों को अदालती चक्कर काटने से बड़ी राहत मिलेगी।
वर्ष 2026 की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत का होगा आयोजन
चालू वर्ष 2026 के दौरान मुकदमों के निष्पादन के लिए अब अंतिम बड़ा न्यायिक अवसर नजदीक आ रहा है। वर्ष 2026 की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आगामी 12 दिसंबर के दिन किया जाएगा। इस वृहद न्यायिक शिविर में विभिन्न प्रकार के सभी सुलहनीय मुकदमों का निष्पादन बड़े पैमाने पर किया जाएगा। अदालत का यह मंच आम नागरिकों के लिए कानूनी विवादों को आपसी रजामंदी से हमेशा के लिए खत्म करने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है। लहेरियासराय में हुई इस हालिया बैठक का मुख्य मकसद इसी दिसंबर माह की लोक अदालत के लिए मजबूत जमीन तैयार करना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं कि अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत के माध्यम से सुलझाया जा सके। प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों को भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पंचायत स्तर तक इसकी जानकारी पहुंचे। इन आयोजनों से न केवल अदालतों का समय बचता है बल्कि आम जनता को भी त्वरित और सुलभ न्याय की प्राप्ति होती है।