आजमगढ़ सहित अन्य जिलों में बड़े स्तर पर तबादले
उत्तर प्रदेश शासन ने कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बुधवार को 20 भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस प्रशासनिक कवायद के तहत आजमगढ़ जिले में तैनात पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह का तबादला हापुड़ जिले में किया गया है, जहां वे पुलिस अधीक्षक का पदभार संभालेंगे। वहीं, आजमगढ़ में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पद पर कार्यरत चिराग जैन को बरेली का नया पुलिस अधीक्षक नगर नियुक्त किया गया है। इन दोनों महत्वपूर्ण पदों पर हुए परिवर्तनों के बाद जिले के पुलिस विभाग में नई तैनाती को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। शासन ने अभी इन रिक्त पदों पर नई नियुक्तियों के लिए अलग से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है, जिससे विभागीय कामकाज और आगामी प्राथमिकताओं को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पूरे राज्य में किए गए इन तबादलों का सीधा असर जिलों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दक्षता पर पड़ेगा।
मऊ, गाजीपुर और बलिया में नए पुलिस कप्तानों की नियुक्ति
विभागीय फेरबदल के क्रम में मऊ जिले के पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर को उनके पद से हटा दिया गया है। वे बीते पांच महीनों से मऊ में तैनात थे और अब उन्हें पुलिस अधीक्षक लोक शिकायत मुख्यालय महानिदेशक के पद पर स्थानांतरित किया गया है। उनके स्थान पर अब 4 पीएसी वाहिनी प्रयागराज के सेनानायक सर्वेश कुमार मिश्रा मऊ की पुलिस व्यवस्था संभालेंगे। इसी तरह गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा का तबादला बलिया जिले में कर दिया गया है। जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह को अब गाजीपुर का नया कप्तान बनाया गया है। बलिया के पूर्व पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह को बस्ती जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गाजीपुर में डॉ. ईरज राजा का कार्यकाल करीब सवा दो साल का रहा, जिसमें उन्होंने संगठित अपराध, हथियार तस्करी और इनामी अपराधियों के विरुद्ध कई अभियानों का नेतृत्व किया था। बलिया में उनकी नियुक्ति के बाद अब वह जिले की कानून-व्यवस्था की बागडोर संभालेंगे और पुलिस महकमे को नई दिशा देंगे।
नए अधिकारियों के सामने कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की चुनौतियां
बलिया के नए पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के लिए वहां की कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाना एक बड़ी चुनौती होगी। 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. राजा के पास एमबीबीएस और एमडीपीएम की शैक्षिक योग्यता के साथ प्रशासनिक कार्य अनुभव भी है। उनके सामने लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण, साइबर अपराधों पर लगाम, यातायात प्रबंधन में सुधार और आम नागरिकों की शिकायतों का तुरंत समाधान करना प्राथमिकता सूची में होगा। इसके अतिरिक्त सीमावर्ती जिला होने के नाते अवैध शराब की तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को रोकना भी महत्वपूर्ण रहेगा। जिले में बाढ़ और आपदा प्रबंधन के दौरान पुलिस की भूमिका तथा संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा आगामी त्योहारों के मद्देनजर और भी जरूरी हो गई है। उनके पूर्ववर्ती कार्यकाल के दौरान गाजीपुर में उन्होंने थाना स्तर की पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण पर विशेष जोर दिया था। अब बलिया में उनकी कार्यप्रणाली और प्राथमिकताओं पर स्थानीय लोगों की पैनी नजर बनी रहेगी, क्योंकि जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में बदलाव हमेशा नई उम्मीदें लेकर आता है।