कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      'पाकिस्तान को अलग-थलग नहीं कर सकता भारत', मार्को रुबियो के बयान पर बोले पाकिस्तानी डिफेंस एक्सपर्ट      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      असम सरकार का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 1 साल पहले शुरू होगी पेंशन की प्रक्रिया      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
कानून

स्वच्छता की मुहर: अयोध्या के श्रीराम मंदिर को मिला FSSAI का प्रतिष्ठित भोग प्रमाणपत्र

अयोध्या के श्रीराम मंदिर परिसर में परोसे जाने वाले प्रसाद की गुणवत्ता और स्वच्छता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने मंदिर को प्रतिष्ठित भोग प्रमाणपत्र प्रदान किया है।

A
Ankit Yadav
12 अक्ट 2026, 11:09
स्वच्छता की मुहर: अयोध्या के श्रीराम मंदिर को मिला FSSAI का प्रतिष्ठित भोग प्रमाणपत्र

राम मंदिर को राष्ट्रीय स्तर की मान्यता

अयोध्या में स्थित श्रीराम मंदिर को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई की ओर से भोग प्रमाणपत्र हासिल हुआ है। यह सम्मान मंदिर में तैयार होने वाले प्रसाद और भोजन की उच्च गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों को पूरा करने के लिए दिया गया है। देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है क्योंकि इससे लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। खाद्य सुरक्षा नियामक द्वारा यह मुहर इस बात की पुष्टि करती है कि मंदिर प्रशासन ने प्रसाद बनाने, उसे पैक करने और परोसने की प्रक्रिया में स्वच्छता के कड़े नियमों का पालन किया है। एफएसएसएआई के मानक न केवल सामग्री की शुद्धता पर जोर देते हैं, बल्कि रसोई और वितरण केंद्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी दिशा-निर्देश निर्धारित करते हैं। इस प्रमाणपत्र के मिलने से मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले लाखों भक्तों के बीच विश्वास और भी अधिक मजबूत हुआ है कि उन्हें मिलने वाला प्रसाद पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ है।

खाद्य सुरक्षा के कड़े मानकों का अनुपालन

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा भोग प्रमाणपत्र प्रदान करने की प्रक्रिया काफी विस्तृत और कठोर होती है। श्रीराम मंदिर प्रशासन को इस प्रक्रिया के तहत अपने रसोई घर में स्वच्छता के सभी प्रोटोकॉल का पालन करना पड़ा है। इस आधिकारिक सत्यापन के लिए खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों की टीम ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया होगा और वहां इस्तेमाल होने वाली कच्ची सामग्री से लेकर अंतिम प्रसाद तक की जांच की होगी। एफएसएसएआई के नियमों के तहत भोजन बनाने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य, उपयोग किए जाने वाले बर्तनों की सफाई और प्रसाद के भंडारण के तापमान जैसे कई पहलुओं को बारीकी से परखा जाता है। मंदिर प्रबंधन की ओर से इन सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही यह राष्ट्रीय मुहर दी गई है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि बड़े पैमाने पर तैयार होने वाले प्रसाद में किसी भी प्रकार का संक्रमण या मिलावट न हो। स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के अधिकारियों ने इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की है ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और उनके स्वास्थ्य के प्रति जवाबदेही पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके।

भोग प्रमाणपत्र का महत्व और भविष्य का प्रभाव

धार्मिक स्थलों के लिए भोग प्रमाणपत्र का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यह स्वच्छता के प्रति एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एफएसएसएआई की यह पहल न केवल खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देती है बल्कि बड़े मंदिरों में स्वच्छता प्रबंधन के एक नए मानक को भी स्थापित करती है। जब किसी स्थान को यह प्रमाण मिलता है, तो वह अन्य संस्थानों के लिए भी एक आदर्श बन जाता है। आम श्रद्धालुओं के लिए यह प्रमाणपत्र एक गारंटी की तरह है जो मंदिर में प्रसाद ग्रहण करने के दौरान उनकी चिंताएं पूरी तरह समाप्त कर देता है। इस तरह की मान्यता से मंदिर प्रशासन को अपने संचालन में और भी सुधार करने की प्रेरणा मिलती है। भविष्य में इस प्रमाणपत्र के कारण अयोध्या आने वाले यात्रियों के बीच मंदिर की व्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक संदेश जाएगा। यह उपलब्धि न केवल मंदिर की कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि भारत में खाद्य सुरक्षा के प्रति बढ़ते जागरूक वातावरण का भी एक हिस्सा है। मंदिर प्रशासन ने स्वच्छता के इन मानकों को निरंतर बनाए रखने का संकल्प लिया है ताकि भक्तों को हमेशा शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण प्रसाद प्राप्त हो सके।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज