एफसीआइ मैदान से शुरू हुआ सफर
वर्ष 2026 में खेल कोटे के अंतर्गत उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन होना किसी चमत्कार से कम नहीं है बल्कि यह बारह वर्षों के कड़े संघर्ष का प्रतिफल है। वर्ष 2014 में गोरखपुर शहर के एफसीआइ ग्राउंड पर इस खिलाड़ी ने खेल गुरु इमरान के मार्गदर्शन में हॉकी का ककहरा सीखा था। खेल के प्रति उनकी अटूट लगन और मैदान से जुड़ाव ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का मजबूत रास्ता दिखाया। इसके बाद वर्ष 2015 के दौरान उन्हें प्रतिष्ठित वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कालेज में प्रवेश पाने का अवसर मिला जिससे उनकी खेल यात्रा को एक बिल्कुल नई दिशा प्राप्त हुई। इस संस्थान में कोच शशि मैम के कुशल निर्देशन में उन्होंने गोलकीपिंग की तकनीकी बारीकियों को बेहद बारीकी से समझा और आत्मसात किया। लगभग सात लंबे वर्षों तक इस स्पोर्ट्स कॉलेज के परिसर में रहकर उन्होंने अपनी पढ़ाई और खेल दोनों विधाओं को एक साथ सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया। वर्ष 2021 में उनकी औपचारिक शिक्षा का यह पड़ाव पूर्ण हुआ जिसके बाद उनके प्रशिक्षण का एक चरण सफलता के साथ पूरा हो गया था।
साईं संस्थान में निखारा गया कौशल
स्पोर्ट्स कॉलेज से अपनी विधिवत शिक्षा समाप्त करने के तुरंत बाद वर्ष 2022 में लखनऊ स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण यानी साईं परिसर में उन्होंने दाखिला लिया। इस प्रतिष्ठित केंद्र में चार वर्षों तक लगातार कठोर प्रशिक्षण प्राप्त करके उन्होंने अपने खेल कौशल को और अधिक पैना और उत्कृष्ट बनाया। गोलकीपर की कठिन भूमिका में अपनी समस्त क्षमताओं को पूरी तरह परिष्कृत करने के लिए उन्होंने प्रत्येक दिन नियमित रूप से अथक अभ्यास किया। वर्ष 2026 के दौरान साईं संस्थान से उनका यह विशेष प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और इसी वर्ष उन्हें खेल कोटे के माध्यम से पुलिस विभाग में सेवा का अवसर मिल गया। इस पूरी सफलता के पीछे उनके पिता की असीम मेहनत और उनका लंबा संघर्ष मुख्य रूप से जुड़ा हुआ है जो मजदूरी तथा पेंट पॉलिश जैसे कठिन कार्य कर अपने पूरे परिवार का पालन पोषण करते आए हैं। ऐसे बेहद साधारण और संघर्षशील पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली बेटी के लिए खेल के मैदान में उच्च स्तर पर अपनी पहचान बनाना किसी चुनौती से कम नहीं था। उन्हें अपने निर्धारित लक्ष्य के प्रति हर पल पूरी तरह समर्पित रहना पड़ा ताकि वे बिना विचलित हुए लगातार आगे बढ़ सकें।
परिवार का सहयोग और नए सपने
अपनी इस उल्लेखनीय उपलब्धि का पूरा श्रेय वह अपने परिवार के सदस्यों, सभी सम्मानित कोचों तथा अपने मार्गदर्शकों को देती हैं। उन्होंने अपनी इस सफलता के इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति भी अपना गहरा आभार प्रकट किया है। शुरुआती दौर में एफसीआइ ग्राउंड पर अभ्यास से लेकर स्पोर्ट्स कॉलेज की गोलकीपिंग और लखनऊ साईं के प्रशिक्षण ने उन्हें आज इस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस बल में चयन होने के बाद भी उनका मुख्य सपना खेल के मैदान में बेहतरीन प्रदर्शन कर देश के साथ साथ पूरे प्रदेश का नाम ऊंचा करना है। इसके साथ ही वह अपनी नई पुलिस सेवा में पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने सभी कर्तव्यों का निर्वहन करने की तीव्र इच्छा रखती हैं। इस चयन के माध्यम से वह अपने परिवार को एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने का दृढ़ संकल्प भी लिए हुए हैं।