विकास भवन में मंडलायुक्त का औचक दौरा
गोरखपुर के मंडलायुक्त इन्द्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को विकास भवन स्थित विभिन्न सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संयुक्त आयुक्त, खाद्य के कार्यालय सहित कई अन्य विभागों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने कार्यालयों में फैली गंदगी और अव्यवस्था को देखकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और स्वच्छता का पालन होना अनिवार्य है। विकास भवन के भूतल पर स्थित कार्यालयों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने आगंतुकों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, भवन के प्रवेश द्वार पर एक हेल्प डेस्क स्थापित करने को कहा गया है ताकि फरियादियों को अपने संबंधित विभाग और पटल की जानकारी आसानी से मिल सके। मंडलायुक्त ने चेतावनी दी है कि वे 10 दिन बाद पुन: निरीक्षण करेंगे और यदि व्यवस्था में सुधार नहीं मिला, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विभिन्न विभागों में पाई गईं गंभीर खामियां
मंडलायुक्त ने सबसे पहले संयुक्त आयुक्त, खाद्य मनोज कुमार के कार्यालय का दौरा किया। वहां उन्होंने पुरानी अलमारियों का ढेर और लिपिक के कक्ष में फाइलों को बेतरतीब ढंग से पड़ा पाया। उन्होंने कार्यालय में लगी पुरानी पेंटिंग्स और बाहर पड़े कूड़े को तत्काल हटाने का आदेश दिया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता विवेक प्रिय के टूर पर होने की जानकारी मिली, लेकिन उनके पास कोई टूर रजिस्टर नहीं था। इसके साथ ही, वहां के कर्मचारियों के पटलों पर भी काफी कमियां मिलीं, जिनमें कंडम सामान और अलमारियों के ऊपर फाइलों का ढेर शामिल था। एक संविदा कर्मी द्वारा तैयार किए गए एस्टिमेट की जांच करते समय मंडलायुक्त ने उसमें खामियां पाईं और उसकी विस्तृत जांच के निर्देश दिए। एक दिव्यांग व्यक्ति की पेंशन संबंधी शिकायत पर उन्होंने जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी के कार्यालय को तत्काल पेंशन दिलाने का आदेश दिया ताकि फरियादी को राहत मिल सके।
सुधार के लिए अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम
जिला पंचायत राज अधिकारी सौम्य प्रताप सिंह के कार्यालय में भी मंडलायुक्त ने गहन जांच की। वहां स्थान की कमी के बावजूद पुराने रजिस्टर, फाइलें, कंप्यूटर कार्टेज और खाली डिब्बे बिखरे मिले। उन्होंने पाया कि पंचायत सचिवों और अन्य कार्मिकों की सेवा पुस्तिका वर्ष 2022 के बाद से अद्यतन ही नहीं की गई है, जो कि प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। अंत में, उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी अजय सिंह के कार्यालय का मुआयना किया, जहां गंदगी का अंबार और पुरानी टूटी कुर्सियां मिलीं। मंडलायुक्त ने अजय सिंह को पूरे कार्यालय की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और बाहर के हिस्से को स्वच्छ करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। उन्होंने सभी विभागों को यह चेतावनी दी है कि कार्यप्रणाली में सुधार और फाइलों का व्यवस्थित रख-रखाव अनिवार्य है। इन सभी कमियों को आगामी 10 दिनों में ठीक करना होगा, अन्यथा भविष्य में और सख्त कदम उठाए जाएंगे।