कंटाप
NEWS
शनिवार, 29 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
तिब्बत में बाढ़ से तबाही कितनी हुई है, जानिए वहाँ क्यों है इतनी ख़ामोशी      राहुल गांधी का बीजेपी-आरएसएस पर निशाना, बोले- देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई      महाराष्ट्र में दूध हुआ महंगा, 9 रुपये प्रति लीटर बढ़े दाम      सोनिया गांधी के संस्मरण 'बिलॉन्गिंग' को न छापने की रिपोर्ट पर पब्लिकेशन कंपनी ने जारी किया बयान      आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का न्यूयॉर्क में प्रोग्राम और ज़ोहरान ममदानी के विरोध पर अमेरिकी मीडिया में कैसी बहस      'वही रहेंगे या मैं ही रहूंगा', JU पर आगबबूला शुभेंदु अधिकारी बोले- इनको JNU की तरह ठीक कर दो      आंध्र प्रदेश: तीन साल के बच्चे को पुल पर अकेला रोता छोड़ पति-पत्नी ने लगाई गोदावरी नदी में छलांग, तलाश जारी      ताशकंद के लिए रवाना हुए पीएम मोदी, भारत के लिए बेहद अहम है शहर; मिला था एक जख्म     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

जल स्तर में सुधार: राजस्थान के बांधों में कुल भराव क्षमता का 57.70 प्रतिशत पानी पहुंचा

राजस्थान के विभिन्न जलाशयों और बांधों में पानी की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण आंकड़ा सामने आया है, जिससे प्रदेश के कई इलाकों में राहत की उम्मीद बंध गई है।

A
Ankit Yadav
29 अग 2026, 13:50
जल स्तर में सुधार: राजस्थान के बांधों में कुल भराव क्षमता का 57.70 प्रतिशत पानी पहुंचा
राजस्थान में मानसून की गतिविधियों और जल संसाधनों की स्थिति को लेकर हाल ही में ताजे आंकड़े सामने आए हैं, जिन्होंने राज्य के नागरिकों और किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। राज्य के विभिन्न जलाशयों और बांधों में पानी का कुल स्तर अब तक काफी संतोषजनक स्थिति में पहुंच चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान के तमाम बांधों में उनकी कुल निर्धारित भराव क्षमता का 57.70 प्रतिशत पानी वर्तमान में उपलब्ध है। यह स्थिति पिछले कुछ हफ्तों के दौरान हुई बारिश और उसके बाद जल स्रोतों में लगातार पानी की आवक के कारण संभव हो पाई है, जिससे आने वाले महीनों में जलापूर्ति की चिंता काफी हद तक कम हो गई है।

मानसून सीजन में पानी की आवक

पारंपरिक रूप से राजस्थान का एक बड़ा हिस्सा जल संकट के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार मानसून के सीजन में स्थिति काफी बेहतर नजर आ रही है। विशेष रूप से पिछले कुछ महीनों के दौरान जल भंडारों में लगातार सुधार दर्ज किया गया है। विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, केवल 15 जून से लेकर अब तक के अल्प समय में ही बांधों के भीतर कुल जल भंडारण में 13.24 प्रतिशत पानी की अतिरिक्त आवक दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत देता है कि मानसून के शुरुआती दौर के बाद से बारिश का दौर इन जलाशयों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है। नदियों और कैचमेंट एरिया से लगातार मिल रहे पानी के कारण इन सभी प्रमुख बांधों के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कृषि कार्यों और पेयजल आपूर्ति के लिए इन बांधों को राजस्थान की जीवन रेखा माना जाता है, ऐसे में आधे से अधिक हिस्से का भर जाना एक सकारात्मक संकेत है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी इस पूरी स्थिति पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि समय रहते पानी के प्रबंधन को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। किसानों और स्थानीय निवासियों के लिए यह जल स्तर किसी बड़े वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इससे आगामी रबी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है। यदि आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज ऐसा ही अनुकूल बना रहा और कुछ और दौर की अच्छी बारिश देखने को मिली, तो इन बांधों के और अधिक भरने की पूरी संभावना जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से भी यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पानी का वितरण पूरी तरह से नियोजित तरीके से हो ताकि किसी भी क्षेत्र में संसाधनों की कमी का सामना न करना पड़े।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज