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मौसम का यू-टर्न: हिमाचल में 30 अगस्त से फिर सक्रिय होगा मानसून, 6 जिलों में येलो अलर्ट
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी 30 अगस्त से मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते कई इलाकों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने राज्य के छह महत्वपूर्ण जिलों में येलो अलर्ट जारी कर दिया है।
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Ankit Yadav
29 अग 2026, 11:03
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से प्राप्त जानकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी दर्ज की गई थी। हालांकि, यह राहत अब समाप्त होने जा रही है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के मेल से राज्य के वातावरण में बदलाव आ रहा है, जिसके कारण महीने के आखिरी दिनों में बादलों का डेरा फिर से गहराएगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले रविवार से राज्य के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा और लोगों को एक बार फिर से तेज बारिश का सामना करना पड़ सकता है।
छह जिलों में विशेष सतर्कता और येलो अलर्ट
मौसम विभाग की तरफ से जिन छह जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है, वहां के स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। इन इलाकों में भारी मानसूनी बौछारें पड़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ सकती हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पिछले महीनों के दौरान मानसून ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी, जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार सरकार और आपदा प्रबंधन बल अत्यधिक सावधानी बरत रहे हैं ताकि आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो।
यातायात और पर्यटन पर पड़ सकता है व्यापक असर
मानसून के दोबारा सक्रिय होने और येलो अलर्ट की घोषणा के बाद से पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सकता है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश फसलों के लिए कुछ मायनों में फायदेमंद हो सकती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी जमने से नुकसान की भी आशंका बनी रहती है।
आम जनता और पर्यटकों के लिए सुरक्षा निर्देश
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम नागरिकों और विशेषकर पर्यटकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से पहाड़ी रास्तों, नदियों और झरनों के पास जाने से बचें। मौसम विभाग के अगले कुछ दिनों के अपडेट पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि समय रहते लोगों को जरूरी चेतावनियां भेजी जा सके। प्रशासन ने सभी जिला मुख्यालयों को आपातकालीन राहत दल तैयार रखने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।