कंटाप
NEWS
शनिवार, 31 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
स्वदेशी परमाणु घड़ी के साथ इसरो के NVS-03 की सफल लॉन्चिंग, नेविगेशन उपग्रह कक्षा में स्थापित      नेतन्याहू के बहुमत से पिछड़ने पर अरब मीडिया में क्या कहा जा रहा है      95 साल बाद जनगणना में जाति पूछी जाएगी: यूपी-पंजाब समेत 5 चुनावी राज्यों में फिलहाल नहीं; बाकी देश में 25 जन...      बंगाल की खाड़ी में एक के बाद एक क्यों आ रहे समुद्री तूफान? 1970 वाले कनेक्शन का रिपोर्ट में खुलासा      आज का एक्सप्लेनर: गोहत्या पर 3 लोगों को उम्रकैद, कोर्ट बोला- सजा नहीं, तो गोमाता विलुप्त हो जाएंगी; क्या कह...      कल का मौसम, 31 अक्टूबर: शनिवार को 25 राज्यों में होगी बारिश, 50-60 की स्पीड से चलेगी हवा      अभिजीत दीपके से एक कदम आगे नेहा बोरा, समर्थन दोनों का लेकिन... विपक्ष की रामलीला मैदान रैली पर नया ट्विस्ट      'मोदी कहीं नहीं जाएगा' के नारों से गूंजा गुजरात, PM बोले- 'आखिरी सांस तक करूंगा देश की सेवा'     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

खेत में हादसा: मधुमक्खियों के हमले से 50 वर्षीय दिव्यांग भगवान सिंह की मौत

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में खेत पर काम के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस अचानक हुए खतरनाक हमले में एक 50 वर्षीय दिव्यांग व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे परिवार में गहरा शोक और मातम का माहौल छाया हुआ है।

A
Ankit Yadav
30 अक्ट 2026, 13:37
खेत में हादसा: मधुमक्खियों के हमले से 50 वर्षीय दिव्यांग भगवान सिंह की मौत

खेत पर हुआ अचानक हमला

मध्य प्रदेश के खंडवा में एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे खेतों में काम चल रहा था। एक 50 वर्षीय दिव्यांग व्यक्ति भगवान सिंह अपने बेटे रघुवीर चौहान के साथ खेत पर गए थे और वहां कपास की काठी उखाड़ने का कार्य कर रहे थे। उसी दौरान वहां अचानक मधुमक्खियों का एक उग्र झुंड आ गया और उसने खेत पर मौजूद लोगों पर हमला बोल दिया। इस अनपेक्षित और भयानक हमले के कारण वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति को खुद को बचाने या संभलने का मौका तक नहीं मिल पाया। मधुमक्खियों ने भगवान सिंह को बेहद बुरी तरह से जकड़ लिया और उनके पूरे चेहरे पर मधुमक्खियां बुरी तरह से चिपक गईं जिससे उनकी स्थिति तुरंत ही बहुत नाजुक हो गई। इस हमले में भगवान सिंह के अलावा उनके साथ खेत पर मौजूद अन्य लोग भी घायल हुए जिन्हें इस आकस्मिक संकट से जूझना पड़ा। इस प्रकार एक सामान्य कार्य के दौरान हुई इस अचानक दुर्घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है तथा सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

अस्पताल में उपचार के दौरान मौत

मधुमक्खियों के इस जोरदार और गंभीर हमले के बाद परिवार के लोगों ने भगवान सिंह को तुरंत बचाने का भरसक प्रयास किया। उनके भाई प्रकाश ने मौके पर तुरंत पहुंचकर एक कंबल उठाया और उस कंबल की मदद से भगवान सिंह को मधुमक्खियों के प्रकोप से बचाने की कोशिश की। हालांकि मधुमक्खियों का यह हमला इतना तीव्र और जोरदार था कि भगवान सिंह की शारीरिक स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी। इसके तुरंत बाद परिजनों द्वारा उन्हें बांगरदा गांव में स्थित एक निजी क्लिनिक पर ले जाया गया ताकि उनका त्वरित उपचार कराया जा सके। अगले दिन यानी गुरुवार की सुबह जब उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और हालत लगातार बिगड़ने लगी तो परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने तुरंत उनका उपचार शुरू किया और उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए। दुर्भाग्यवश, गुरुवार दोपहर को उपचार के दौरान अस्पताल में ही भगवान सिंह ने दम तोड़ दिया और उनकी सांसें थम गईं। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी जिससे परिवार की उम्मीदें पूरी तरह टूट गईं।

दिव्यांगता और शोक का माहौल

मृतक भगवान सिंह शारीरिक रूप से एक हाथ और एक पैर से पूरी तरह दिव्यांग थे जिसके कारण वे ऐसे अचानक हमलों के समय खुद को बचाने में असमर्थ साबित हुए। इस दुखद हादसे के संबंध में उनके बेटे रघुवीर चौहान ने विस्तार से जानकारी दी और बताया कि किस तरह उनके पिता उनके साथ खेत पर आए थे। इस घटना के बाद से पूरे परिवार में गहरा शोक व्याप्त है और हर सदस्य इस अनहोनी से पूरी तरह सदमे में है। परिवार के लिए यह पूरी घटना बेहद दुखद साबित हुई है क्योंकि एक सामान्य कामकाजी दिन पलभर में एक बड़े हादसे में बदल गया। ग्रामीण इलाकों में इस तरह के हादसों के प्रति लोगों में चिंता बढ़ गई है क्योंकि खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में मधुमक्खियों के झुंडों का अचानक हमला जानलेवा साबित हो रहा है। खंडवा जिले की इस घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है और मृतक के परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा है कि कैसे खेतों में काम करने वाले किसानों और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी प्राणघातक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और किसी अन्य परिवार को ऐसा असहनीय दर्द न झेलना पड़े।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज