सड़क सुरक्षा और बजट आवंटन
झारखंड राज्य के भीतर यात्रा करने वाले वाहन चालकों तथा आम नागरिकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 33 के एक महत्वपूर्ण हिस्से को लेकर वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस पूरी योजना के अंतर्गत कुल दो सौ उनतालीस करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस भारी भरकम बजट के माध्यम से कुल पांच दशमलव नौ नौ किलोमीटर लंबी सड़क की दशा सुधारी जाएगी। इस निर्माण कार्य का मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों की जान माल की रक्षा करना है ताकि सफर के दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। मंत्रालय ने दुर्घटनाओं के इस खतरे को पूरी तरह समाप्त करने के लिए ठोस कार्य योजना तैयार की है। इस राशि का उपयोग केवल सड़क के डामरीकरण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसके तहत कई अन्य तकनीकी कार्य भी संपन्न किए जाएंगे। चिन्हित किए गए स्थानों पर सुरक्षा के तमाम इंतजाम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
ब्लैक स्पॉट की पहचान और निवारण
यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने विशेष तकनीक का सहारा लिया है। जिन स्थानों पर पूर्व में सबसे अधिक दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं उन सभी जगहों को चिन्हित कर लिया गया है। तकनीकी भाषा में इन खतरनाक क्षेत्रों को ब्लैक स्पॉट के नाम से पुकारा जाता है। इन सभी ब्लैक स्पॉट का पूरी तरह से निवारण करने का काम इस नई परियोजना के माध्यम से किया जाएगा। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन चिन्हित स्थलों पर सुरक्षा संबंधी तमाम आवश्यक उपायों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारें। इस तरह के सुरक्षात्मक कार्यों से इन खतरनाक स्थानों पर हादसों की रफ्तार पर बहुत प्रभावी ढंग से लगाम लगेगी। इस पूरी परियोजना की संरचना इस प्रकार तैयार की गई है कि प्रत्येक चिह्नित स्थल पर सुरक्षा से जुड़े विविध कार्य संपन्न किए जा सकें। अधिकारियों का मानना है कि इन उपायों के लागू होने के बाद सड़क पर चलने वाले हर एक व्यक्ति का सफर पहले की तुलना में काफी ज्यादा सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।
मार्ग की संवेदनशीलता और लाभ
यह पूरा इलाका यानी चुटुपालू घाटी और चरही घाटी वाला हिस्सा पिछले एक लंबे अरसे से दुर्घटनाओं के मामले में बेहद संवेदनशील माना जाता रहा है। इन दोनों ही पहाड़ी घाटियों में आए दिन वाहनों के आपस में टकराने या पलटने की घटनाएं सामने आती रहती थीं। लगातार घटित होने वाली इन दुखद घटनाओं के कारण रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर हमेशा एक बड़ा सवालिया निशान लगा रहता था। इन तमाम विकट परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने इस मार्ग पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना के जमीन पर उतरने से हजारीबाग और रांची के बीच आवाजाही करने वाले सभी लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है। मार्गों की स्थिति सुधर जाने और सुरक्षा उपकरण लग जाने से इस पूरे क्षेत्र में परिवहन का कार्य बहुत अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा। इस प्रकार के प्रशासनिक प्रयासों से यात्रियों के मन से दुर्घटनाओं का निरंतर बना रहने वाला भय भी काफी हद तक कम हो जाएगा।