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नया स्टार्टअप केंद्र: देहरादून में एसजेपीआइ के चार मंजिला इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन

उत्तराखंड के तकनीकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई सुविधा की शुरुआत की गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने देहरादून में एक नए इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया। इससे राज्य के युवाओं को अपना व्यवसाय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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Ankit Yadav
24 अक्ट 2026, 14:02
नया स्टार्टअप केंद्र: देहरादून में एसजेपीआइ के चार मंजिला इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन

देहरादून में नई तकनीकी सुविधा का शुभारंभ

उत्तराखंड के युवाओं और उभरते हुए उद्यमियों के लिए शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाया गया है। देश के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राजधानी देहरादून के आईटी पार्क का दौरा किया। वहां उन्होंने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के नए चार मंजिला इन्क्यूबेशन सेंटर का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया। यह विशाल केंद्र करीब 30 हजार वर्ग फुट के क्षेत्रफल में फैला हुआ तैयार किया गया है। इस आधुनिक परिसर के भीतर तकनीक आधारित नए उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए कई प्रकार की आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां काम करने वाले युवाओं को समर्पित ऑफिस स्पेस के साथ ही हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सुलभ कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त इस पूरी इमारत के भीतर एक सुसज्जित ऑडिटोरियम, दो अलग मीटिंग रूम, दो कॉन्फ्रेंस रूम और एक नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर भी बनाया गया है। इन सभी सुविधाओं के एक ही स्थान पर उपलब्ध हो जाने से राज्य में काम करने वाली नई तकनीकी कंपनियों को अपने कामकाज का सुचारू रूप से विस्तार करने में बहुत बड़ी सहायता मिलेगी।

मंत्रियों और अधिकारियों के विचार सामने आए

उद्घाटन समारोह के दौरान केंद्र सरकार और राज्य सरकार के कई प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पाने के लिए तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में देश की उत्पादन क्षमता को तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड के काशीपुर में विकसित किए जा रहे नए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के बारे में भी विशेष रूप से चर्चा की। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि देहरादून शहर एक बड़ा शिक्षा का केंद्र है और इसमें बेंगलुरु तथा हैदराबाद जैसे देश के प्रमुख आईटी हब की तरह उभरने की पूरी क्षमता मौजूद है। राज्य के आईटी और सुशासन मंत्री प्रदीप बत्रा ने इस नई फैसिलिटी को प्रदेश में उद्यमिता और तकनीक को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के महानिदेशक अरविंद कुमार ने जानकारी दी कि इस नए केंद्र के माध्यम से सभी युवा स्टार्टअप्स को वरिष्ठ विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और देशभर के निवेशकों के साथ सीधा संपर्क साधने में अभूतपूर्व मदद मिलेगी।

वित्तीय सहायता और पुरानी पृष्ठभूमि की जानकारी

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया की तरफ से युवाओं के नए उद्यमों को केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं बल्कि वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है। संस्था की ओर से चलाई जा रही नेक्स्ट जनरेशन इन्क्यूबेशन स्कीम के अंतर्गत अब तक कुल 52 स्टार्टअप्स का चयन किया जा चुका है। उत्तराखंड के आईटी सचिव पंकज पांडे ने बताया कि इस समय राज्य सरकार द्वारा लगभग एक हजार सरकारी सेवाएं पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। अगर पिछले इतिहास को देखें तो सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया देहरादून शहर में वर्ष 2001 से लगातार सक्रिय रूप से काम कर रहा है। वहां पहले से ही लगभग 19,533 वर्ग फुट के क्षेत्र में एक इन्क्यूबेशन फैसिलिटी सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, जिसका उपयोग पहले से ही कई नामी आईटी कंपनियां कर रही हैं। अब इस नए चार मंजिला सेंटर के जुड़ जाने से राज्य में टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए काम करने के वास्ते उपलब्ध सुविधाओं के दायरे का काफी विस्तार हो गया है। इस समय पूरे उत्तराखंड राज्य के भीतर 1,700 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स पंजीकृत हैं।

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