पटना जंक्शन पर सोते समय बच्चा हुआ गायब
बेगूसराय जिले के रहने वाले सुधीर कुमार अपने परिवार के सदस्यों के साथ दो दिन पूर्व पटना शहर में दशहरा उत्सव देखने के लिए आए हुए थे। यात्रा की भारी थकान के कारण सभी परिजन रेलवे परिसर में गहरी नींद में सो गए थे। दोपहर के समय जब लगभग एक से डेढ़ बजा तो मां की आंख खुली और उन्होंने अपने एक साल के बेटे को पास में नहीं पाया। देखते ही देखते पूरे परिवार में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत आसपास के क्षेत्रों में बच्चे की तलाश शुरू कर दी। काफी खोजबीन करने के बावजूद उस छोटे बच्चे का कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा जिसके बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उस समय स्टेशन पर उच्च अधिकारियों का आवागमन भी था जिससे वहां भारी भीड़ जमा हो गई थी और बच्चे की मां को बिलखता देखकर आम लोग भी इकट्ठा हो गए थे।
परिजनों का आरोप और पुलिस का आधिकारिक बयान
परिजनों ने सबसे पहले स्टेशन मास्टर से संपर्क करके इस घटना की पूरी जानकारी दी थी। पिता सुधीर कुमार का मुख्य आरोप यह है कि शाम ढलने तक उनकी औपचारिक शिकायत तक दर्ज नहीं की गई थी। दूसरी ओर रेल थाना प्रभारी ने इस संबंध में बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि उन्हें टिकट घर के समीप सोने वाले परिवार के बच्चे के लापता होने की सूचना तो मिल चुकी है। थाना प्रभारी के अनुसार इस मामले में अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है और पुलिस अपने स्तर पर इस पूरी घटना की जांच कर रही है। आरपीएफ इंस्पेक्टर साकेत कुमार ने बताया कि इस प्रकार की घटनाओं में तुरंत सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाती है। राजकीय रेल पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद दोनों विभाग मिलकर संयुक्त जांच करेंगे और पुलिस ने बच्चे की तस्वीर को अलग-अलग थानों में भेज दिया है।
पिछली घटनाओं का संदर्भ और बच्चे की बरामदगी
रेलवे स्टेशनों पर बच्चों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ, राजकीय रेल पुलिस यानी जीआरपी और चाइल्ड हेल्प डेस्क जैसी कई महत्वपूर्ण इकाइयां हमेशा तैनात रहती हैं। पूर्व में भी अगस्त 2025 के दौरान पटना जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 10 पर स्थित वेटिंग हॉल के पास से छह महीने के एक बच्चे के गायब होने की ऐसी ही घटना सामने आई थी। उस पुराने मामले में एक अनजान युवक पीड़ित महिला के संपर्क में आकर काफी घुल-मिल गया था और महिला के वाशरूम जाने के दौरान वह युवक उस छोटे बच्चे को लेकर फरार हो गया था। उस मामले में भी रेल पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच की थी और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था। इस वर्तमान मामले में भी पुलिस ने बाद में कार्रवाई करते हुए सीतामढ़ी जिले के खैरवा गांव से बच्चे को बरामद कर लिया है और इस आपराधिक मामले में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है।