राज्य में बढ़ रही ठंड और न्यूनतम पारे में गिरावट
हरियाणा के निवासियों को अब सुबह और शाम के वक्त गुलाबी ठंड का अनुभव होने लगा है। हालांकि पूरे राज्य में औसत न्यूनतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि मापी गई है, फिर भी कई क्षेत्रों में पारे का स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है। मैदानी इलाकों में ठंड का प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। वर्तमान आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य के दो प्रमुख मौसम केंद्रों पर पारा 15 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार करके नीचे आ चुका है। गुरुग्राम इस समय राज्य का सबसे शीतल स्थान बन गया है, जहां रात का तापमान 14.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, पंचकूला भी ठंड की चपेट में है, जहां पारा 14.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। नारनौल में भी सामान्य से 1.1 डिग्री कम तापमान यानी 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो राज्य में ठंड के बढ़ते प्रभाव का संकेत दे रहा है।
दिन की तपिश और तापमान का विरोधाभासी आंकड़ा
रात में सिहरन के बावजूद दिन में अभी भी गर्मी और उमस की स्थिति बनी हुई है। सूरज की तेज किरणों के कारण दोपहर का समय अभी भी तपन भरा रहता है। दिन के अधिकतम तापमान की बात करें तो यह 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। इसमें भी औसत तौर पर 0.7 डिग्री की वृद्धि देखी गई है। सिरसा वर्तमान में राज्य का सबसे गर्म जिला है, जिसका अधिकतम पारा 35.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में यह आंकड़ा 34.0 डिग्री, चंडीगढ़ में 32.7 डिग्री और नारनौल में 31.5 डिग्री सेल्सियस रहा है। कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ। मदन खीचड़ के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी दिशा से चलने वाली हवाओं के चलते मौसम का यह स्वरूप बना है। फिलहाल 22 अक्टूबर तक मौसम मुख्य रूप से सूखा रहने का अनुमान है, जिसमें बीच-बीच में बादल छा सकते हैं और मध्यम हवाएं चल सकती हैं।
बारिश की चेतावनी और मौसम का आगामी पूर्वानुमान
हरियाणा के मौसम विभाग द्वारा आगामी पांच दिनों का पूर्वानुमान जारी किया गया है, जिसके तहत 24 अक्टूबर से राज्य में बदलाव की शुरुआत होगी। प्रदेश में 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद, 24 अक्टूबर से मौसमी परिदृश्य पलटने वाला है। विभाग ने सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और जींद जिलों के लिए हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की चेतावनी दी है। जानकारों का मानना है कि इस बारिश के बाद रात के तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस बदलाव से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी की उम्मीद है, लेकिन सुबह और शाम की ठंडक समय के साथ और अधिक तीखी होती जाएगी। आने वाले दिनों में राज्य के लोगों को ठंड के बढ़ते असर का सामना करना होगा, जिससे जनजीवन में बदलाव आना निश्चित है।