कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      Rain Alert: बन गया है कम दबाव का क्षेत्र, इन राज्यों में होने जा रही मूसलाधार बारिश, आंधी तूफान का भी अलर्ट      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      'पाकिस्तान को अलग-थलग नहीं कर सकता भारत', मार्को रुबियो के बयान पर बोले पाकिस्तानी डिफेंस एक्सपर्ट      ट्रंप के मुस्लिम शहर वाले बयान पर भड़के मैक्रों, कहा- मूर्खतापूर्ण...      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      सोनम वांगचुक का केंद्र पर आरोप, बोले- लद्दाख से किए वादे पूरे करे सरकार     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
मौसम

मौसम में बदलाव: पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश से बिहार में फसल बर्बाद

पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी राज्यों पर दिखने लगा है। बिहार में अचानक हुई बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम के इस बदले मिजाज से किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है।

A
Ankit Yadav
11 अक्ट 2026, 18:23
मौसम में बदलाव: पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश से बिहार में फसल बर्बाद

पहाड़ी बर्फबारी और मैदानी बारिश का सीधा असर

देश के उत्तर भारतीय पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों लगातार बर्फबारी दर्ज की जा रही है जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों के मौसम पर पड़ रहा है। मौसम की इसी प्रणाली के प्रभाव के कारण बिहार राज्य के कई जिलों में अचानक से मूसलाधार बारिश हुई है। इस अप्रत्याशित वर्षा के चलते निचले इलाकों और खेतों में पानी भर गया है जिससे आम जनजीवन के साथ कृषि कार्यों पर भी बड़ा प्रभाव पड़ा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से मिल रही शुरुआती जानकारियों के अनुसार इस बेमौसम बरसात ने स्थानीय स्तर पर तापमान में भी गिरावट ला दी है। इस मौसमी बदलाव के कारण लोगों को अचानक से ठंड का अहसास होने लगा है और सर्द हवाएं भी चलना शुरू हो गई हैं। राज्य के कृषि विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि मौसम की मार झेल रहे किसानों को सही समय पर वास्तविक हालात की जानकारी मिल सके। इस प्रकार की प्राकृतिक घटनाएं अक्सर अक्टूबर महीने के दौरान पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण घटित होती हैं जिनका दायरा धीरे-धीरे मैदानी राज्यों तक फैल जाता है और व्यापक बदलाव का कारण बनता है।

बिहार में फसलों को हुआ भारी नुकसान

बिहार के कृषि क्षेत्रों में हुई इस बेमौसम बारिश के कारण किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल और अन्य मौसमी सब्जियों को इस बरसात से बहुत अधिक क्षति पहुंची है। लगातार पानी भरने के कारण फसलें खेतों में ही गिर गई हैं जिससे उनके सड़ने की आशंका बहुत ज्यादा बढ़ गई है। स्थानीय किसानों का कहना है कि कटाई के बिल्कुल करीब पहुंची फसलों का इस तरह बर्बाद हो जाना उनके लिए बहुत बड़ा आर्थिक झटका है। राज्य के ग्रामीण इलाकों में किसान अब सरकार और स्थानीय प्रशासन से मुआवजे की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं ताकि इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सके। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक यदि आने वाले कुछ दिनों में धूप नहीं निकली और मौसम साफ नहीं हुआ तो बची हुई फसलों को भी भारी नुकसान हो सकता है। सरकार के नुमाइंदे भी अब जमीनी स्तर पर जाकर नुकसान का आकलन करने की बात कह रहे हैं ताकि प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जा सके। इस तरह की मौसमी अनिश्चितता से खेती की लागत और उत्पादन दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है जिससे किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जाती हैं।

देशभर में मौसम की स्थिति और आगामी बदलाव

देश के बाकी हिस्सों में भी मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है जिसके कारण आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने के पूरे आसार हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला शुरू होने से मैदानी इलाकों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है जो सर्दियों के आगमन का स्पष्ट संकेत है। मौसम विभाग के अनुसार इस प्रकार के बदलाव अक्टूबर और नवंबर के महीनों में सामान्य माने जाते हैं जब मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद शीतकालीन प्रणालियां सक्रिय होने लगती हैं। इस तरह के मौसमी घटनाक्रम से न केवल कृषि बल्कि यातायात और दैनिक गतिविधियों पर भी गहरा असर पड़ता है जिस कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। जानकारों का यह भी मानना है कि इस बार ठंड का असर समय से पहले और अधिक तीखा हो सकता है क्योंकि पहाड़ों पर बर्फबारी तय समय से शुरू हो चुकी है। देश के विभिन्न राज्यों में इस बदलते मौसम को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रह सके। इस प्रकार के पर्यावरणीय बदलाव पर्यावरण संतुलन और जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभावों को भी दर्शाते हैं जिन पर वैज्ञानिकों की पैनी नजर बनी रहती है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज