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बड़ी राहत: लखनऊ में बन रहा उत्तर प्रदेश का पहला स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर, खिलाड़ियों को नहीं जाना होगा दूसरे राज्य
उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। अब राज्य के एथलीटों और खेल प्रेमियों को चोट लगने पर इलाज के लिए अन्य राज्यों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, क्योंकि राजधानी लखनऊ में प्रदेश का पहला अत्याधुनिक स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर का निर्माण किया जा रहा है।
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Ankit Yadav
06 सित 2026, 14:14
उत्तर प्रदेश के खेल जगत के लिए यह एक ऐतिहासिक और बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। लंबे समय से राज्य के खिलाड़ियों को यह शिकायत रहती थी कि खेल के दौरान गंभीर चोट लगने पर उन्हें बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए देश के अन्य महानगरों या दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। इस यात्रा और इलाज की प्रक्रिया में न केवल खिलाड़ियों का कीमती समय और पैसा बर्बाद होता था, बल्कि उनके खेल करियर पर भी अनिश्चितता के बादल मंडराने लगते थे। इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए अब लखनऊ में उत्तर प्रदेश के पहले विशिष्ट स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर की स्थापना की जा रही है, जो पूरी तरह से खेल से जुड़ी चोटों के निदान और पुनर्वास के लिए समर्पित होगा।
खिलाड़ियों को मिलेगा विश्वस्तरीय चिकित्सीय परामर्श
इस नए और अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र के बन जाने से सूबे के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उनके अपने ही गृह राज्य में मिल सकेंगी। पारंपरिक अस्पतालों की तुलना में स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में खेल विज्ञान, फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स मेडिसिन और उन्नत सर्जिकल सुविधाओं का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक ऐसी टीम तैनात की जाएगी जो विभिन्न खेलों के दौरान होने वाली विशिष्ट चोटों जैसे लिगामेंट टियर, फ्रैक्चर, मांसपेशियां फटना और अन्य जटिल शारीरिक समस्याओं के इलाज में पूरी तरह से पारंगत होगी। इससे हमारे खिलाड़ियों को समय पर सही उपचार मिल सकेगा, जिससे उनकी रिकवरी तेजी से होगी और वे जल्द से जल्द अपने खेल के मैदान पर वापसी कर सकेंगे।
खेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इस केंद्र की स्थापना से जमीनी स्तर के खिलाड़ियों से लेकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले एथलीटों को सीधा लाभ पहुंचेगा। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि उचित और समयबद्ध उपचार के अभाव में कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी अपने सुनहरे भविष्य को संवारने से चूक जाते हैं। लेकिन लखनऊ में बनने जा रहा यह संस्थान एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगा। इसके अलावा, इस केंद्र में आधुनिक पुनर्वास और रिहैबिलिटेशन उपकरण भी लगाए जाएंगे, जो खिलाड़ियों को चोट के बाद उनकी पुरानी फिटनेस हासिल करने में पूरी तरह से मदद करेंगे।
इस परियोजना की प्रगति को लेकर खेल प्रेमियों और विभिन्न खेल संघों में काफी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में खेल संस्कृति लगातार बढ़ रही है और ऐसे में इस तरह के बुनियादी ढांचे का विकास होना समय की सबसे बड़ी मांग थी। सरकार और संबंधित विभाग इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि इस केंद्र का निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के तहत समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि जल्द से जल्द इसका लाभ खिलाड़ियों तक पहुंचाया जा सके। आने वाले दिनों में यह स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर उत्तर प्रदेश को खेल के क्षेत्र में एक नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।