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देसी खेलों का जलवा: ऊंचागांव के युवा कबड्डी को रख रहे हैं जिंदा

ऊंचागांव में स्थानीय युवाओं द्वारा पारंपरिक कबड्डी खेल को लगातार जीवंत बनाए रखने की सराहनीय पहल सामने आई है।

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Kantap News डेस्क
14 अग 2026, 11:09
देसी खेलों का जलवा: ऊंचागांव के युवा कबड्डी को रख रहे हैं जिंदा
आज के आधुनिक दौर में जहां युवा मोबाइल और डिजिटल गेमिंग की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, वहीं ऊंचागांव के ऊर्जावान युवाओं ने एक अलग ही मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने प्राचीन और पारंपरिक खेल कबड्डी को भुलाया नहीं है, बल्कि इसे आज भी पूरी शिद्दत के साथ जीवित रखा हुआ है। क्षेत्र के युवा मिलकर टीमें तैयार करते हैं और नियमित रूप से इस खेल का मैदान में अभ्यास करते हैं।

शारीरिक फिटनेस और मनोरंजन का मेल

पैराग्राफ 2... खेल सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह शारीरिक व्यायाम का भी एक बेहतरीन माध्यम है। कबड्डी खेलने से युवाओं का स्टेमिना बढ़ता है, शरीर मजबूत होता है और मानसिक एकाग्रता में भी सुधार होता है। गांव के ये खिलाड़ी रोजाना शाम को इकट्ठा होते हैं और पूरी ऊर्जा के साथ खेल का आनंद लेते हैं। पारंपरिक खेलों के प्रति युवाओं का यह लगाव आने वाली पीढ़ी के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बन रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के शारीरिक खेलों से युवाओं की ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में उपयोग होता है और वे बुरी संगतों से दूर रहते हैं। ऊंचागांव के इन युवाओं की यह पहल न केवल संस्कृति को बचाए रखने में मददगार है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है।
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