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खेल बजट सुधार: उत्तर प्रदेश में अब खिलाड़ियों की वास्तविक जरूरतों के आधार पर तैयार होगी खेल सुविधाएं
उत्तर प्रदेश सरकार ने खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसके तहत अब खेल सुविधाओं का बजट खिलाड़ियों की जमीनी जरूरतों के मुताबिक ही तैयार किया जाएगा।
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Ankit Yadav
21 अग 2026, 12:44
उत्तर प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर मंच प्रदान करने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि भविष्य में खेल सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए तैयार किया जाने वाला वित्तीय बजट पूरी तरह से खिलाड़ियों की वास्तविक आवश्यकताओं पर केंद्रित होगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल धन का सदुपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि खेल परिसरों और अकादमियों में ऐसी सुविधाओं का निर्माण किया जा सकेगा जिनकी खिलाड़ियों को वास्तव में सबसे अधिक आवश्यकता है।
अनावश्यक खर्चों पर लगेगा प्रभावी प्रतिबंध
पारंपरिक रूप से कई बार खेल बजट का एक बड़ा हिस्सा ऐसी योजनाओं या उपकरणों पर खर्च हो जाता था जिनका जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को ज्यादा लाभ नहीं मिल पाता था। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य ऐसे सभी व्यर्थ और बेवजह के खर्चों पर पूरी तरह से रोक लगाना है। खेल विभाग अब प्रत्येक जिले और खेल केंद्र से विस्तृत फीडबैक लेगा, जिसमें यह परखा जाएगा कि किस क्षेत्र में किस खेल विशेष के लिए कौन से संसाधनों की कमी है। इसी आकलन के आधार पर निधियां आवंटित की जाएंगी ताकि हर एक रुपये का सही इस्तेमाल हो सके।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी क्षेत्र के एथलीटों को उनकी जरूरत के अनुसार आधुनिक ट्रेनिंग किट, उच्च स्तरीय कोचिंग और बेहतरीन कोर्ट या मैदान मिलेंगे, तो उनके प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश के कई जिलों से उभरते हुए खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं, और इस तरह के नीतिगत बदलाव उन्हें अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करने में मदद करेंगे। खेल प्रशासन का यह दृष्टिकोण जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की इस कवायद से खेल संघों और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली में भी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में खेल विभाग इस नई बजट प्रक्रिया के क्रियान्वयन के लिए एक रूपरेखा तैयार करेगा, जिसके तहत सभी प्रस्तावों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। स्थानीय खेल प्रेमियों और प्रशिक्षकों ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की है, क्योंकि इससे संसाधनों के अभाव में जूझ रहे ग्रामीण इलाकों के खिलाड़ियों को भी सीधी राहत मिलने की पूरी संभावना है।