'अरुणाचल बॉर्डर पर भारत और चीन आमने-सामने बने हुए हैं', आईटीबीपी डीजी के बयान पर सियासत गरमाई
PHOTOS: स्कॉर्पियो से कैदी वाहन और महंगे होटलों से जेल के खाने तक... मॉडल श्रद्धा दुबे का डाउनफॉल!
बिहार की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट: एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, बिल्डिंग के बाहर शव बिखरे; घनी आबादी क...
आगरा MLC चुनाव में सपाई-भाजपाई भिड़े, फतेहाबाद में बैलेट पेपर पर निशान लगाने का आरोप
बिहार MLC चुनाव में दिखा नीतीश कुमार की 'चाणक्य नीति' का जलवा! वोटिंग के दिन अनुमान लगाते रहे सियासी पंडित
फ्री कश्मीर, फ्री शरजील इमाम... जामिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर किसने लिखा, 'नो स्पेस फॉर संघी'
AI पर भारत में आएगा कानून, NDTV World Summit में बोले अश्विनी वैष्णव- चंद हफ्तों में आएगा कंसल्टेशन पेपर
ब्रेकअप से नाराज होकर युवक ने खेला खूनी खेल, गर्लफ्रेंड की मां का कत्ल कर दो बहनों को किया अगवा
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
खेल दिवस उत्सव: दिग्विजयनाथ कॉलेज में मेजर ध्यानचंद को किया गया याद
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के दिग्विजयनाथ कॉलेज में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जीवन और उनके महान योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।
A
Ankit Yadav
30 अग 2026, 16:37
देशभर में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और महान हस्तियों के योगदान को याद करने के सिलसिले में विभिन्न शिक्षण संस्थानों द्वारा कई तरह के आयोजनों का तांता लगा हुआ है। इसी कड़ी में, उत्तर प्रदेश स्थित प्रतिष्ठित दिग्विजयनाथ कॉलेज के परिसर में राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को देश के खेल इतिहास से रूबरू कराना और उन्हें खेलकूद के प्रति जागरूक करना था। महाविद्यालय के प्राध्यापकों और छात्रों ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और खेल जगत में भारत के गौरवशाली अतीत को याद किया।
मेजर ध्यानचंद के व्यक्तित्व पर प्रकाश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के जीवन, उनके संघर्षों और उनकी अनूठी खेल शैली के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से रोशनी डाली। उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि किस प्रकार मेजर ध्यानचंद ने अपनी अद्भुत प्रतिभा के बल पर वैश्विक मंच पर भारत का सिर गर्व से ऊंचा किया था। उनके अनुशासन, समर्पण और खेल के प्रति निष्ठा को आज की युवा पीढ़ी के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ध्यानचंद केवल एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि वे भारतीय खेल जगत के एक ऐसे प्रेरणास्रोत थे जिन्होंने पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया।
इसके अलावा, समारोह में खेलकूद के महत्व और शारीरिक शिक्षा को दैनिक जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्रों को प्रोत्साहित किया गया कि वे केवल पढ़ाई तक ही सीमित न रहें, बल्कि खेल के मैदान पर भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। वक्ताओं ने कहा कि खेलकूद न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और टीम भावना जैसे मानवीय गुणों का भी विकास करते हैं। इस प्रकार के आयोजनों से युवाओं में मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत होने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मेजर ध्यानचंद के बताए मार्ग पर चलने और देश में खेल संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर यह माना कि यदि देश को खेल के क्षेत्र में महाशक्ति बनाना है, तो जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें उचित मंच प्रदान करना बेहद आवश्यक है। इस सफल आयोजन ने कॉलेज परिसर में एक सकारात्मक और ऊर्जावान माहौल पैदा किया, जिसकी सभी ने सराहना की।