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खेल जगत के लिए सौगात: लखनऊ में 7.17 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खेल गतिविधियों और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। यहां लगभग 7.17 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हमारे प्रतिभावान एथलीटों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं और चोट से उबरने के लिए उन्नत तकनीक प्रदान करना है।
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Ankit Yadav
07 सित 2026, 14:06
उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए अब खेल के मैदान पर चोटिल होना और उचित इलाज के अभाव में करियर का प्रभावित होना अतीत की बात बनती जा रही है। राज्य सरकार और खेल विभाग के संयुक्त प्रयासों से लखनऊ में एक ऐसा विशिष्ट केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो विशेष रूप से खेल के दौरान लगने वाली चोटों के वैज्ञानिक और त्वरित निदान के लिए समर्पित होगा। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना पर कुल 7.17 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च किया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रदेश के एथलीटों को किसी भी प्रकार की चिकित्सीय कमी का सामना न करना पड़े।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया केंद्र
खेल विज्ञान की आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित होने वाले इस इंजरी मैनेजमेंट सेंटर में खिलाड़ियों की फिटनेस मॉनिटरिंग, बायोमैकेनिकल एनालिसिस और पुनर्वास यानी रिहैबिलिटेशन के लिए अत्याधुनिक मशीनें और उपकरण लगाए जाएंगे। आमतौर पर गंभीर चोट लगने के बाद खिलाड़ियों को महानगरों या देश के बाहर महंगे इलाज के लिए जाना पड़ता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होते थे। अब स्थानीय स्तर पर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि आसपास के क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी अभूतपूर्व लाभ मिलेगा। इस केंद्र में फिजियोथेरेपिस्ट, खेल डॉक्टर और फिटनेस विशेषज्ञों की एक विशेष टीम भी तैनात की जाएगी जो रिकवरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी करेगी।
उत्तर प्रदेश में खेल और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का विस्तार
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जमीनी स्तर पर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। खेल अकादमियों के विकास के साथ-साथ अब खेल चिकित्सा पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। यह नया स्पोर्ट्स साइंस सेंटर इसी व्यापक रणनीति का एक अहम हिस्सा है। जब खिलाड़ियों को यह विश्वास होता है कि उनके स्वास्थ्य और चोटों के प्रबंधन के लिए एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम मौजूद है, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के मैदान पर अपना शत-प्रतिशत प्रदर्शन दे पाते हैं। यह पहल राज्य के युवाओं को पेशेवर खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
भविष्य की संभावनाएं और खेल जगत की प्रतिक्रिया
खेल विशेषज्ञों और स्थानीय खिलाड़ियों ने इस परियोजना के धरातल पर उतरने पर अत्यधिक प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका मानना है कि इस प्रकार के हाईटेक केंद्रों के निर्माण से उत्तर प्रदेश जल्द ही देश का एक प्रमुख खेल हब बनकर उभरेगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस केंद्र के संचालन और रख-रखाव के लिए पेशेवर प्रोटोकॉल तैयार किए जाएंगे ताकि इसका अधिकतम लाभ जमीनी स्तर के एथलीटों तक पहुंचाया जा सके। आने वाले समय में राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में भी इस तरह की खेल चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है, जो भारतीय खेलों के भविष्य के लिए एक मजबूत आधारशिला साबित होगी।